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चिराग और तेजस्वी हैं 'युवराज': पप्पू यादव ने सरकार-विपक्ष पर साधा निशाना; बाढ़ में जंगल के बीच फंसी नाव

Tue, 15 Sep 2026 08:19 PM IST
दरभंगा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर Published by: दरभंगा ब्यूरो Updated Tue, 15 Sep 2026 08:19 PM IST
सार

समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर के बाढ़ प्रभावित गांवों में हालात कितने चुनौतीपूर्ण हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रभावित टोले तक पहुंचने के दौरान नाव तक घने जंगल में फंस गई। ग्रामीणों ने भोजन, पानी, आवागमन, पशु चारा और आर्थिक संकट की समस्याएं बताईं।

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Tejashwi and Chirag Are Yuvraj Pappu Yadav Attacks Govt and Opposition Boat Stalled in Floodwaters
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने पहुंचे सांसद पप्पू यादव - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे पूर्णिया सांसद सह जन अधिकार पार्टी के सुप्रीमो पप्पू यादव ने कहा कि गरीबों की जिंदगी नर्क से भी बदतर हो गई है, लेकिन नेताओं को जनता की चिंता से ज्यादा सत्ता और वोट की फिक्र है। बिहार में बाढ़ की भयावह स्थिति के लिए पूर्णिया सांसद ने केंद्र और बिहार सरकार के साथ-साथ विपक्षी नेताओं पर भी जमकर हमला बोला।
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चिराग और तेजस्वी हैं युवराज- पप्पू यादव
पप्पू यादव ने चिराग पासवान और तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए दोनों को ‘युवराज’ बताया। पप्पू यादव ने कहा कि एक से हाजीपुर नहीं संभल रहा है और एक से राघोपुर। सत्ता और विपक्ष दोनों सोये हुए हैं।' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास बिहार के बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए एक ट्वीट तक करने का समय नहीं है। वहीं, राज्य के मुखिया सम्राट चौधरी को बाढ़ पीड़ितों से बात करने के लिए पांच मिनट का समय नहीं मिल रहा है।
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जंगल में फंसी नाव, फिर भी बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचे
मंगलवार को पप्पू यादव जिले के मोहिउद्दीननगर प्रखंड की कुरसाहा पंचायत के बदिया और हसनपुर गांव पहुंचे। बदिया गांव के दलित-महादलित टोले तक जाने के दौरान उनकी नाव घने जंगल के बीच फंस गई। चारों ओर बाढ़ का पानी और झाड़ियां थीं। कुछ देर तक नाव आगे नहीं बढ़ सकी। काफी मशक्कत के बाद नाव को निकाला गया और सांसद बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे। यह घटना इलाके में बाढ़ की भयावहता और संपर्क व्यवस्था की बदहाल स्थिति को सामने लाती है। जिन गांवों में सामान्य दिनों में सड़क से आसानी से पहुंचा जा सकता है, वहां अब नाव के सहारे ही आवाजाही हो रही है।
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दलित-महादलित टोले में घर-घर जाकर सुनी समस्याएं
बदिया गांव पहुंचकर पप्पू यादव ने दलित-महादलित टोले के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों से भोजन, पीने के पानी, आवागमन, पशुओं के चारे और आर्थिक संकट के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि पानी फैलने के कारण काम-धंधा बंद है। घरों में पानी घुसने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित है और राहत सामग्री की जरूरत बनी हुई है। सांसद ने कहा कि बाढ़ की इस मुश्किल घड़ी में जरूरतमंद परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने अपनी ओर से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता भी दी।

महिलाओं और युवतियों ने सौंपा ज्ञापन
इसके बाद पप्पू यादव हसनपुर गांव पहुंचे। यहां महिलाओं और युवतियों ने उनसे मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं। महिलाओं ने भोजन, आवागमन और घरेलू जरूरतों की परेशानियां साझा कीं। युवतियों ने बाढ़ के कारण पढ़ाई और आने-जाने में हो रही दिक्कतों की जानकारी दी। उन्होंने अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सांसद को सौंपा। पप्पू यादव ने महिलाओं की बातें सुनीं और जरूरतमंद महिलाओं को नकद आर्थिक सहायता दी। सहायता मिलने पर महिलाओं ने उन्हें आशीर्वाद दिया।

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रामप्रवेश राम के परिजनों को 10 हजार रुपये
बाढ़ के पानी में डूबने से जान गंवाने वाले रामप्रवेश राम के परिवार से भी सांसद ने मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए तत्काल सहायता के रूप में 10 हजार रुपये नकद दिए। दौरे के दौरान बाढ़ प्रभावित जरूरतमंद परिवारों के बीच कुल 3 लाख 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता बांटी गई।

सरकार पर राहत व्यवस्था को लेकर सवाल
पप्पू यादव ने कहा कि उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र के मोहिउद्दीननगर और आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर है। हजारों परिवार प्रभावित हैं, लेकिन राहत व्यवस्था के नाम पर लूट मची हुई है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के घर-आंगन में पानी होने के बावजूद सरकारी स्तर पर सामुदायिक रसोईघरों को बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि तत्काल भोजन, पीने का पानी, नाव, पशुओं के लिए चारा और आर्थिक मदद चाहिए। उन्होंने सरकार से राहत कार्यों को फिर से शुरू करने की मांग की। सांसद ने कहा कि आपदा के समय राजनीति से ऊपर उठकर जनता के साथ खड़ा होना जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाया जाएगा और जरूरतमंदों की मदद के प्रयास जारी रहेंगे। दौरे के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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