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Crime News: बिहार के इस शहर में खेत में लहलहाती मिली अफीम की फसल, सूचना पर पहुंची पुलिस; लिए सैंपल
Mon, 09 Mar 2026 09:48 AM IST
दरभंगा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
Published by: दरभंगा ब्यूरो
Updated Mon, 09 Mar 2026 09:48 AM IST
सार
दरभंगा के सिमरी थाना क्षेत्र के कुंवरपट्टी गांव में अवैध अफीम की खेती की सूचना पर पुलिस ने खेत में लगी फसल नष्ट कर दी। करीब दस पौधों के सैंपल लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
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अफीम की खेती को नष्ट करवाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दरभंगा जिले के सिमरी थाना क्षेत्र की भराठी पंचायत के कुंवरपट्टी गांव में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती को पुलिस ने नष्ट कर दिया। सूचना मिलने के बाद सिमरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और खेत में लगी अफीम की फसल को नष्ट करवाई। हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि खेत किसका है और फसल किसने लगाई थी, इसलिए अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
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मौके पर पहुंचे सिमरी थानाध्यक्ष ने खेत से कुछ पौधों के सैंपल लेकर जांच के लिए कृषि विभाग को भेजने की बात कही है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने भी मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि सैंपल की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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सिमरी निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि वह अपने एक दोस्त के घर कुंवरपट्टी गांव गए थे। इसी दौरान उनकी नजर एक खेत में लहलहाती अफीम की फसल पर पड़ी। उन्होंने इसकी फोटो और वीडियो बनाकर संबंधित अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद सिमरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और खेत से करीब दस पौधों के सैंपल भी लिए।
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हालांकि अभी तक अवैध खेती करने वालों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसे लेकर ग्रामीणों में चर्चा है कि इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद पुलिस ने अब तक किसी संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ क्यों नहीं की।
जानकारों के अनुसार बिना लाइसेंस अफीम (पोस्ता) की खेती करना नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 के तहत गंभीर अपराध है। इस कानून की धारा 8 के तहत मादक पदार्थों के उत्पादन और खेती पर प्रतिबंध है, जबकि धारा 18 के तहत दोषी पाए जाने पर 10 से 20 वर्ष तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
इस मामले में एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने बताया कि कमतौल सीआई और सिमरी थानाध्यक्ष को जांच कर विधिवत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा कि सैंपल अभी जांच के लिए भेजा जाना है और वरीय अधिकारियों के निर्देश के बाद प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।