समस्तीपुर में बिहार सरकार के बजट को जनविरोधी बताते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान गांधी चौक पर जुलूस निकाला गया और बजट की प्रति जलाकर विरोध दर्ज कराया गया।
‘जनता के बुनियादी मुद्दों की अनदेखी’
प्रदर्शन के दौरान भाकपा माले के नेताओं ने बजट को गरीबों, दलितों और महिलाओं के खिलाफ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की पूरी तरह से अनदेखी की है।
भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि बिहार में भाजपा-जदयू की डबल इंजन सरकार ने जनता से जुड़े हर सवाल पर चुप्पी साध रखी है। बजट में कटौती कर आम लोगों की सुविधाओं को सीमित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार आशा, रसोइया, सेविका-सहायिका, जीविका, सफाईकर्मी और विद्यालय प्रहरी जैसे संघर्षरत तबकों की मांगों को पूरी तरह अनसुना कर रही है।
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भाकपा माले ने बिहार बजट को लेकर किया जोरदार विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को स्थाई करने की मांग
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले नेताओं ने आउटसोर्सिंग के तहत काम कर रहे लाखों स्कीम वर्कर्स की सेवाएं स्थाई करने और उन्हें 26 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की मांग की। माले नेताओं का कहना है कि उनकी पार्टी विधानसभा के अंदर इस जन विरोधी बजट के खिलाफ आवाज उठा रही है, वहीं दूसरी ओर सड़क पर जनता के साथ संघर्ष कर रही है।
माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से जुड़े कर्जदारों के लिए भी उठी आवाज
सभा को संबोधित करते हुए प्रखंड कमेटी सदस्य सह खेग्रामस प्रखंड सचिव प्रभात रंजन गुप्ता ने कहा कि माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से जुड़े गरीब महिलाओं का कर्ज माफ किया जाए।
उन्होंने यह भी मांग की कि 95 लाख गरीब परिवारों को स्वरोजगार योजना के तहत 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। जरूरतमंदों को जमीन और आवास उपलब्ध कराया जाए। बिजली की स्मार्ट मीटर योजना को वापस लिया जाए और बिजली बिल माफ किया जाए।
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भाकपा माले ने बिहार बजट को लेकर किया जोरदार विरोध प्रदर्शन
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ताजपुर बीडीओ को स्थानांतरित करने की मांग
भाकपा माले प्रखंड कमेटी सदस्य सह अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने सभा में थूककांड के आरोपी ताजपुर बीडीओ गौरव कुमार को तुरंत स्थानांतरित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर सरकार गरीबों और मजदूरों की आवाज को दबाने की कोशिश करेगी, तो भाकपा माले सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।
इस विरोध प्रदर्शन में ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, संजीव राय, जवाहर सिंह, सुखदेव सिंह, रवींद्र शर्मा, सुनील शर्मा, संजय कुमार, उपेंद्र शर्मा, मकसुदन सिंह, मोहम्मद सयूम समेत भाकपा माले के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।