Bihar: घर में हथियार और बम मिलने की अफवाह पर डीआईजी और एसएसपी ने की जांच, SSP बोले– पूरी तरह भ्रामक है खबर
Bihar: एसएसपी जगन्नाथ रेड्डी ने कहा कि बम और हथियार मिलने की खबर पूरी तरह से झूठी और भ्रामक है। इसकी जांच की जा रही है कि यह अफवाह किसने और क्यों फैलाई। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की गई है, जो गंभीर अपराध है।
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सोशल मीडिया पर बेंता थाना क्षेत्र के एक घर में हथियार और बम मिलने की अफवाह फैलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मिथिला प्रक्षेत्र की डीआईजी स्वप्ना जी. मेश्राम और दरभंगा एसएसपी जगन्नाथ रेड्डी खुद मौके पर पहुंचे और जांच की। उनके साथ डीएसपी और कई थानों की पुलिस टीम भी मौजूद थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि बेंता थाना क्षेत्र के एक मकान में भारी मात्रा में हथियार और बम बरामद किए गए हैं। हालांकि, मौके पर पहुंचकर की गई जांच में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई। एसएसपी जगन्नाथ रेड्डी ने स्पष्ट रूप से कहा कि हथियार और बम मिलने की खबर पूरी तरह से अफवाह और भ्रामक है।
चोरी के मामले में हुई थी गिरफ्तारी
दरअसल, यह मामला 11 मई को हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के सदर थाना की पुलिस द्वारा की गई छापेमारी से जुड़ा है। शिमला पुलिस ने दरभंगा के बेंता थाना और बिशनपुर थाना की सहायता से हॉस्पिटल रोड स्थित चमन श्रीवास्तव के मकान में छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में अजय सहनी उर्फ लालटून, अमर सहनी और सेंटी नामक तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उनके पास से लाखों रुपये मूल्य के चोरी के जेवरात और करीब 4 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद शिमला पुलिस तीनों आरोपियों को अपने साथ ले गई थी।
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सोशल मीडिया पर फैली झूठी सूचना
इस कार्रवाई के बाद किसी अज्ञात व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैला दी कि पुलिस ने चोरी के सामान के साथ बम और हथियार भी बरामद किए हैं। इस झूठी सूचना के फैलने के बाद पुलिस पर बरामदगी छुपाने और संभावित लेन-देन के आरोप भी लगाए गए, जिससे मामला तूल पकड़ गया और इसकी जानकारी राज्य स्तर तक पहुंच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी और एसएसपी समेत पुलिस की एक उच्च स्तरीय टीम ने मौके पर जाकर जांच की। उन्होंने बेंता थाना के सभी पुलिस अधिकारियों और उस छापेमारी में शामिल शिमला पुलिस के सहयोगी कर्मियों से भी पूछताछ की। पूछताछ में भी यह स्पष्ट हुआ कि किसी प्रकार के हथियार या बम की बरामदगी नहीं हुई थी।
मकान मालिक ने भी दी सफाई
छापेमारी के दौरान इस्तेमाल किए गए मकान के मालिक चमन श्रीवास्तव ने बताया कि उनके मकान में कुछ युवक किराए पर रहते थे। शिमला पुलिस और बेंता थाना की टीम द्वारा की गई छापेमारी में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उस दौरान किसी भी प्रकार के हथियार या विस्फोटक जैसी कोई चीज बरामद नहीं हुई थी। एसएसपी जगन्नाथ रेड्डी ने कहा कि बम और हथियार मिलने की खबर पूरी तरह से झूठी और भ्रामक है। इसकी जांच की जा रही है कि यह अफवाह किसने और क्यों फैलाई। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की गई है, जो गंभीर अपराध है। अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध साइबर क्राइम की धारा के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सीसीटीवी फुटेज समेत तमाम तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है ताकि अफवाह फैलाने वालों की पहचान हो सके।