Bihar: पीएम मोदी की मां को अपशब्द कहने का मामला, कांग्रेस नेता नौशाद और रिजवी की जमानत याचिका खारिज
Bihar: लोक अभियोजक (पीपी) अमरेन्द्र नारायण झा ने अदालत में आरोपियों की जमानत याचिकाओं का कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि दोनों आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से समाज में विद्वेष फैलाने का प्रयास किया
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दरभंगा व्यवहार न्यायालय के प्रधान सत्र न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्रा की अदालत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी स्वर्गीय माता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में कांग्रेस नेता मोहम्मद रिजवी उर्फ राजा और मोहम्मद नौशाद की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भपूरा गांव निवासी मोहम्मद रिजवी उर्फ राजा की नियमित जमानत याचिका तथा जाले थाना क्षेत्र के देवरा वन्धौली गांव निवासी मोहम्मद नौशाद की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों याचिकाएं गुरुवार को खारिज कर दीं।
यह मामला 27 अगस्त 2025 को दरभंगा के अतरबेल चौक पर आयोजित मत अधिकार यात्रा से जुड़ा है, जिसका नेतृत्व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव कर रहे थे। इसी कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी स्वर्गीय माता को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किए जाने का आरोप है।
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घटना को लेकर दरभंगा भाजपा जिला अध्यक्ष आदित्य नारायण चौधरी उर्फ मन्ना ने सिमरी थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी (कांड संख्या 243/25), जिसमें मोहम्मद नौशाद और उनके सहयोगियों को नामजद किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी मोहम्मद रिजवी उर्फ राजा को गिरफ्तार कर 29 अगस्त 2025 को न्यायिक अभिरक्षा में मंडल कारा, दरभंगा भेज दिया था।
लोक अभियोजक (पीपी) अमरेन्द्र नारायण झा ने अदालत में आरोपियों की जमानत याचिकाओं (नियमित जमानत संख्या 857/25 और अग्रिम जमानत संख्या 1344/25) का कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि दोनों आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से समाज में विद्वेष फैलाने का प्रयास किया और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। पीपी झा ने बताया कि अदालत ने दोनों याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि समाज में शांति बनाए रखने के लिए ऐसे गंभीर मामलों में किसी भी आरोपी को राहत नहीं दी सकती।