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NASA Website Hack: बिहारी ने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA की वेबसाइट हैक कर ली, हॉल ऑफ फेम में मिली जगह
Mon, 19 May 2025 08:14 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सम्सतीपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सम्सतीपुर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Mon, 19 May 2025 08:14 PM IST
सार
Ramji: राम जी ने बताया कि यह घटना 14 मई की रात करीब 2 बजे की है। वे कंप्यूटर पर कुछ वेबसाइट्स का साइबर सुरक्षा विश्लेषण कर रहे थे, तभी उन्हें नासा की आधिकारिक वेबसाइट पर एक खामी नजर आई। उन्होंने तुरंत साइट को सुरक्षित तरीके से एक्सेस कर तकनीकी दोष की पहचान की और इसकी सूचना नासा को दी।
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राम जी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
समस्तीपुर जिले के रहने वाले 17 वर्षीय राम जी राज ने वह कर दिखाया जो बड़े-बड़े साइबर विशेषज्ञ भी नहीं कर पाए। राम जी ने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) की वेबसाइट को हैक कर एक तकनीकी खामी (साइबर वल्नरेबिलिटी) को पकड़ा और जिम्मेदारी के साथ नासा को इसकी जानकारी दी। नासा ने इस खामी को स्वीकार करते हुए उसे तत्काल ठीक किया और राम जी राज का नाम अपने ‘हॉल ऑफ फेम’ में शामिल कर उन्हें सम्मानित किया।
जिम्मेदारी के साथ की गई एथिकल हैकिंग
राम जी राज एक एथिकल हैकर हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में नवाचार कर रहे युवा प्रतिभा के रूप में तेजी से उभरे हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मंचों पर अपने कौशल का प्रदर्शन किया है। राम जी का कहना है कि उनके लिए हैकिंग केवल तकनीकी ज्ञान नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है। उनका लक्ष्य है कि वो अपने ज्ञान का उपयोग कर डिजिटल दुनिया को अधिक सुरक्षित बना सके।
आधी रात में किया था नासा की वेबसाइट का विश्लेषण
राम जी ने बताया कि यह घटना 14 मई की रात करीब 2 बजे की है। वे कंप्यूटर पर कुछ वेबसाइट्स का साइबर सुरक्षा विश्लेषण कर रहे थे, तभी उन्हें नासा की आधिकारिक वेबसाइट पर एक खामी नजर आई। उन्होंने तुरंत साइट को सुरक्षित तरीके से एक्सेस कर तकनीकी दोष की पहचान की और इसकी सूचना नासा को दी। 19 मई की दोपहर नासा की ओर से इस खामी की पुष्टि की गई और उसी दिन उन्हें ‘हॉल ऑफ फेम’ में शामिल करने की जानकारी भी दी गई।
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50 से अधिक कंपनियों की वेबसाइट में पकड़ चुके हैं खामियां
राम जी का यह पहला कारनामा नहीं है। इससे पहले भी वे 50 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की वेबसाइटों में खामियां पकड़कर संबंधित संस्थाओं को सतर्क कर चुके हैं। इनमें भारत सरकार की कुछ वेबसाइटें भी शामिल हैं। उनका उद्देश्य हैकिंग से नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि संस्थाओं को संभावित साइबर खतरों से समय रहते अवगत कराना है, जिससे वे आर्थिक और तकनीकी नुकसान से बच सकें।
पढ़ें: सड़क पार करते समय तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आए बुजुर्ग, हुई मौत; परिजनों में कोहराम
सरकार और पुलिस को भी दे रहे तकनीकी प्रशिक्षण
राम जी न केवल तकनीकी क्षेत्र में अपना नाम बना रहे हैं, बल्कि समाज में भी अपनी जिम्मेदार भूमिका निभा रहे हैं। वे दिल्ली में बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं, और खाली समय में वंचित और गरीब बच्चों को तकनीकी शिक्षा देते हैं, ताकि वे भी डिजिटल युग के साथ कदम मिला सकें। इसके साथ ही वे पुलिस विभाग को साइबर अपराध की रोकथाम के लिए प्रशिक्षण देते हैं और कई ऑनलाइन मामलों की जांच में तकनीकी सहायता भी कर चुके हैं।
भारत सरकार के टॉप 50 AI समाधान में नाम
राम जी राज को भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा समर्थित “Youth for Unnati and Vikaas with AI” कार्यक्रम के तहत टॉप 50 AI-enabled solutions में भी स्थान मिल चुका है। राम जी राज की यह उपलब्धि यह साबित करती है कि प्रतिभा बड़े शहरों की मोहताज नहीं होती। अगर जुनून और सकारात्मक सोच हो, तो समस्तीपुर जैसे छोटे शहर से भी वैश्विक मंच पर पहचान बनाई जा सकती है। उनके कार्य ने न केवल बिहार का नाम रोशन किया है, बल्कि देश की युवा पीढ़ी के लिए एक मिसाल भी कायम की है।
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जिम्मेदारी के साथ की गई एथिकल हैकिंग
राम जी राज एक एथिकल हैकर हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में नवाचार कर रहे युवा प्रतिभा के रूप में तेजी से उभरे हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मंचों पर अपने कौशल का प्रदर्शन किया है। राम जी का कहना है कि उनके लिए हैकिंग केवल तकनीकी ज्ञान नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है। उनका लक्ष्य है कि वो अपने ज्ञान का उपयोग कर डिजिटल दुनिया को अधिक सुरक्षित बना सके।
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आधी रात में किया था नासा की वेबसाइट का विश्लेषण
राम जी ने बताया कि यह घटना 14 मई की रात करीब 2 बजे की है। वे कंप्यूटर पर कुछ वेबसाइट्स का साइबर सुरक्षा विश्लेषण कर रहे थे, तभी उन्हें नासा की आधिकारिक वेबसाइट पर एक खामी नजर आई। उन्होंने तुरंत साइट को सुरक्षित तरीके से एक्सेस कर तकनीकी दोष की पहचान की और इसकी सूचना नासा को दी। 19 मई की दोपहर नासा की ओर से इस खामी की पुष्टि की गई और उसी दिन उन्हें ‘हॉल ऑफ फेम’ में शामिल करने की जानकारी भी दी गई।
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50 से अधिक कंपनियों की वेबसाइट में पकड़ चुके हैं खामियां
राम जी का यह पहला कारनामा नहीं है। इससे पहले भी वे 50 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की वेबसाइटों में खामियां पकड़कर संबंधित संस्थाओं को सतर्क कर चुके हैं। इनमें भारत सरकार की कुछ वेबसाइटें भी शामिल हैं। उनका उद्देश्य हैकिंग से नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि संस्थाओं को संभावित साइबर खतरों से समय रहते अवगत कराना है, जिससे वे आर्थिक और तकनीकी नुकसान से बच सकें।
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सरकार और पुलिस को भी दे रहे तकनीकी प्रशिक्षण
राम जी न केवल तकनीकी क्षेत्र में अपना नाम बना रहे हैं, बल्कि समाज में भी अपनी जिम्मेदार भूमिका निभा रहे हैं। वे दिल्ली में बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं, और खाली समय में वंचित और गरीब बच्चों को तकनीकी शिक्षा देते हैं, ताकि वे भी डिजिटल युग के साथ कदम मिला सकें। इसके साथ ही वे पुलिस विभाग को साइबर अपराध की रोकथाम के लिए प्रशिक्षण देते हैं और कई ऑनलाइन मामलों की जांच में तकनीकी सहायता भी कर चुके हैं।
भारत सरकार के टॉप 50 AI समाधान में नाम
राम जी राज को भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा समर्थित “Youth for Unnati and Vikaas with AI” कार्यक्रम के तहत टॉप 50 AI-enabled solutions में भी स्थान मिल चुका है। राम जी राज की यह उपलब्धि यह साबित करती है कि प्रतिभा बड़े शहरों की मोहताज नहीं होती। अगर जुनून और सकारात्मक सोच हो, तो समस्तीपुर जैसे छोटे शहर से भी वैश्विक मंच पर पहचान बनाई जा सकती है। उनके कार्य ने न केवल बिहार का नाम रोशन किया है, बल्कि देश की युवा पीढ़ी के लिए एक मिसाल भी कायम की है।