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Bihar News: डीएमसीएच से नवजात बच्चा गायब, दो घंटा तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा; दाई पर लगा आरोप
Thu, 16 Nov 2023 05:59 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
Published by: आदित्य आनंद
Updated Thu, 16 Nov 2023 05:59 PM IST
सार
कानूनी कारवाई की चेतावनी दी जाने पर दाई ने नवजात को लौटाने के लिए कुछ देर की मोहलत मांगी। करीब दो घंटे बाद महिला दाई ने नवजात को लेकर परिजनों के हवाले कर दिया।
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Bihar News
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल डीएमसीएच के गायनी विभाग से नवजात के अचानक गायब हो जाने से वहां हड़कंप मच गया। बताया जाता है कि समस्तीपुर जिला की एक बिन ब्याही लड़की ने नवजात शिशु को जन्म दिया। लोक लज्जा के कारण उसे परिजन ठिकाना लगाने के लिए आपस मे बातचीत कर रहे थे इस दौरान डीएमसीएच में काम करने वाली महिला दाई ने आननफानन में बच्चे को गायब कर दिया। उसके बाद तो मानों पूरे अस्पताल परिसर बच्चा गुम हो जाने से बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। काफी मसक्कत और अस्पताल प्रशासन के सख्त रैवैया के कारण दो घंटे के बाद बच्चा बरामद हो सका। दो घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला।
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जानकारी के अनुसार, समस्तीपुर जिला की हथौड़ी थाना क्षेत्र की एक बिन ब्याही युवती ने एक बालक को जन्म दिया था। लोक लिहाज के डर से परिजन नवजात को कहीं ठिकाना लगाने की योजना बना रहे थे। परिजनों के बीच हो रही बातचीत को सुन विभाग में काम करने वाली दाई ने मौका पाते ही नवजात को वहां से ले जाकर अपनी एक रिश्तेदार के के हवाले कर दिया।
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शक के आधार पर लोगों ने दाई से पूछताछ शुरू की
इधर, बेड पर नवजात को नहीं देख वहां की नर्स उसे तलाशने लगीं। इस दौरान युवती के परिजन कुछ बताने से परहेज करते रहें। काफी देर तक तलाशने के बाद भी जब नवजात नहीं मिला तो इसकी सूचना वहां के लैब टेक्नीशियन सुनील कुमार और स्वास्थ्य प्रबंधक कमल कुमार उपाध्याय को दी गई। शक के आधार पर उन लोगों ने दाई से पूछताछ शुरू की। कानूनी कारवाई की चेतावनी दी जाने पर दाई ने नवजात को लौटाने के लिए कुछ देर की मोहलत मांगी। करीब दो घंटे बाद महिला दाई ने नवजात को लेकर परिजनों के हवाले कर दिया। इधर दाई बार- बार कह रही थी कि परिजनों ने ही नवजात को उसे दिया था। कानूनी पहलुओं से अनभिज्ञ रहने की वजह से वह किसी को बताए बिना ही उसे लेकर वहां से निकल गई।
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डॉक्टर ने कहा- परिजनों ने ही नवजात को दाई के हवाले किया था
परिजनों की ओर से नवजात को लेने से इंकार करने पर चाइल्ड लाइन को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद कर्मियों ने बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण करा उसे आवश्यक टीके दिलाए गए। नर्सों के सहयोग से नवजात को फीडिंग भी कराई गई। फिलहाल मामला प्रक्रियाधीन रहने के कारण उसे डीएमसीएच के शिशु रोग विभाग में रखा गया। इस मामले डीएमसीएच की अधीक्षक डॉ अलका झा ने बताया कि गायनी विभाग एक युवती ने बच्चे को जन्म दिया था। जिसको लोक लिहाज के डर से परिजनों ने ही नवजात को दाई के हवाले कर दिया था। उसे ले जाने के बजाय दाई को गायनी विभाग प्रबंधन को इसकी सूचना देनी चाहिए थी। परिजनों ने बच्चा लेने से इनकार कर दिया है।