बिहार में एनडीए गठबंधन पर खतरा, अलग हो सकती है रालोसपा
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बिहार में भाजपा की तरफ से एनडीए गठबंधन के पुराने साथियों से ज्यादा तवज्जो नीतिश कुमार की जदयू को दिए जाने के कारण रार चल रही है। अब लोकसभा चुनावों के लिए सीट बंटवारे का गणित सामने आने के बाद ये रार तेज हो गई, जिसका नतीजा एनडीए गठबंधन के बिखराव के तौर पर दिखाई दे सकता है। गठबंधन के सहयोगी दल रालोसपा ने गठबंधन से बाहर होने का इशारा कर दिया है।
राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता माधव आनंद ने कहा है कि पार्टी तीन सीटों से कम पर नहीं बल्कि अधिक सीटों पर चुनाव लडे़गी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी एनडीए में रहने या नहीं रहने पर फैसला ले सकती है। दूसरी ओर भाजपा के विधायक नितिन नवीन ने कहा कि सिर्फ भाजपा ही नहीं बल्कि सीटों पर सभी घटक दलों को समझौता करना होगा।
इस बीच, एनडीए में मची खींचतान पर राजद ने तंज कसा है। पार्टी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा है कि भाजपा के नेता लोक जन शक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविलास पासवान और रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की बेइज्जती कर रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ये दोनों ही पार्टियां जल्दी ही महागठबंधन में शामिल हो जाएंगी।
कुशवाहा और तेजस्वी की मुलाकात से शुरू हुई थी चर्चा
बता दें कि अक्तूबर के आखिरी हफ्ते में जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बीच मुलाकात हुई थी। इसमें 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सीटों को लेकर समझौता हुआ था। इसके अनुसार, दोनों पार्टियां बिहार में बराबर सीटों पर, जबकि शेष सीटों पर लोजपा व रालोसपा चुनाव लड़ेंगी।
इसी दौरान कुशवाहा की लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव से मुलाकात हुई थी, जिसे दोनों ने अचानक आमने-सामने आने के कारण महज औपचारिकता के तौर पर की गई मुलाकात बताया था। लेकिन अब रालोसपा का रुख देखकर इस मुलाकात के निहितार्थ कुछ और ही दिखाई देने लगे हैं।