Siwan Ambedkar Statue Controversy: निषेधाज्ञा के बीच भाकपा माले ने निकाला जुलूस; छह घंटे जाम रहे मुख्य मार्ग
Siwan CPI ML Protest: सीवान के दरौली प्रखंड परिसर में बगैर इजाजत बाबा साहेब की मूर्ति लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद धारा 144 लागू की गई थी। लेकिन बुधवार को भाकपा माले के नेता-कार्यकर्ताओं ने घंटों प्रदर्शन किया। इससे कई मुख्य मार्गों का यातायात ठप रहा। जानें पूरा मामला...।
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बिहार के सीवान के दरौली प्रखंड परिसर में बाबा साहेब की मूर्ति लगाने को लेकर भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने घंटों तक सड़क जाम रखी। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता इकट्ठा हुए। प्रखंड कार्यालय परिसर में बगैर इजाजत के बाबा साहेब की मूर्ति लगाने को लेकर रस्साकशी हुई।
घटना को लेकर बताया जा रहा है कि बाबा साहेब की मूर्ति को प्रखंड परिसर में लगाने को माले ने छह दिसंबर के दिन तय किया था। इसके लिए प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। उसके बाद से भाकपा माले के कार्यकर्ता भड़क गए और मूर्ति लगाने की जिद पकड़ ली। इसे देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। यही नहीं, कई राउंड प्रशासन और नेताओं में बातचीत के बाद माले नेताओं ने मूर्ति लगाने के मामले में एनओसी आने तक रुकने का एलान किया और अपना जुलूस निकालने की बात कही। इस पर प्रशासन ने पहले ही रोक लगा रखी थी और चार किलोमीटर के दायरे में धारा 144 लगाई थी।
लेकिन इन सब चीजों की परवाह न करते हुए माले नेताओं ने प्रशासन की एक नहीं सुनी और शांति पूर्वक जुलूस लेकर सड़क पर निकल गए। बाद में प्रशासन ने उन्हें सभा करने की इजाजत दे दी। उसके बाद दरौली मोड़ पर सैकड़ों की संख्या में इकट्ठे होकर माले नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सभा की।
जिले के आधा दर्जन थानों का पुलिस बल था तैनात
दरौली प्रखंड परिसर में माले नेताओं के द्वारा बिना इजाजत बाबा साहेब की मूर्ति लगाने की सूचना पर पुलिस प्रशासन एक दिन पहले से ही सारी तैयारी कर चुका था। सुबह से ही भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। वहीं, माले के सभा करने से पहले काफी गहमा-गहमी देखी गई। कार्यकर्ता हो-हल्ला करते नजर आए, जिसकी वजह से छह घंटे तक मैरवा-दरौली मुख्य मार्ग और सिसवन, रघुनाथपुर, गुठनी मुख्य मार्ग जाम रहे।
दरअसल, सीवान के दरौली प्रखंड परिसर में बाबा साहेब की मूर्ति लगाने को लेकर भाकपा माले और प्रशासन आमने-सामने आ गए थे। मौके पर भारी तादाद में पुलिस बल तैनात किया गया था। लेकिन भाकपा माले नेता-कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचे थे।
जानकारी के मुताबिक, भाकपा माले द्वारा प्रखंड परिसर में बाबा साहेब का चबूतरा बनाया गया था, जिसको कुछ दिन पहले किसी ने तोड़ दिया था। उसके बाद भाकपा माले नेताओं ने यहां छह दिसबंर को बाबा साहेब की मूर्ति लगाने का एलान किया था। उसी सिलसिले में बुधवार यानी छह दिसंबर को महापरिनिर्वाण दिवस पर यह कार्यक्रम रखा गया था। हालांकि इसको लेकर जिला प्रशासन ने एक दिन पूर्व एक पत्र जारी कर बाबा साहेब की मूर्ति लगाने पर रोक लगा दी थी।
क्या था प्रशासन का आदेश
सीवान एसडीओ द्वारा एक दिन पूर्व जारी पत्र में कहा गया था कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के सीवान जिला सचिव हंसनाथ राम और अन्य कार्यकर्ता गण, जिला कमेटी द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीम राव अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के मौके पर छह दिसंबर को प्रखंड परिसर दरौली में बिना सक्षम प्राधिकार के इजाजत लिए बाबा साहेब की मूर्ति को जबरन स्थापित किए जाने की सूचना मिली है। इससे विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने की संभावना है। इसे लेकर शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से मैं, सुनील कुमार, बि.प्र.से., अनुमंडल दंडाधिकारी, सीवान सदर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दरौली प्रखंड परिसर के चार किमी की परिधि में पांच दिसंबर के अपराह्न पांच बजे से छह दिसंबर को रात दस बजे तक के लिए निषेधाज्ञा लागू करता हूं।
आदेश में निम्न कार्य किए गए थे प्रतिबंधित
- दरौली प्रखंड परिसर के चार किमी की परिधि में पांच या उससे अधिक व्यक्ति किसी सभा अथवा बैठक हेतु एकत्रित नहीं होंगे। साथ ही किसी भी प्रकार का जुलूस निकाला जाना सर्वथा प्रतिबंधित रहेगा।
- कोई भी व्यक्ति आग्नेयास्त्र लेकर नहीं चलेगा, जब तक कि सक्षम प्राधिकार द्वारा अन्यथा आदेश प्राप्त न हो। यह सरकारी कर्तव्य पर तैनात कर्मियों पर लागू नहीं होगा।
- कोई व्यक्ति अथवा दल बिना सक्षम अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग नहीं करेंगे। सभी संबंधित व्यक्ति, संगठन अथवा राजनैतिक दल इस आदेश का उल्लंघन नहीं करेंगे।
- दरौली प्रखंड परिसर के चार किमी की परिधि में प्रखंड में कार्यरत पदाधिकारियों, पुलिस बल और कर्मियों को छोड़कर अन्य किसी भी व्यक्ति का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
'इन लोगों को बाबा साहेब से दिक्कत है'
वहीं, इस पूरे मामले पर जीरादेई से भाकपा माले विधायक अमरजीत कुशवाहा ने कहा कि यह वही लोग हैं जिन्हें बाबा साहेब से दिक्कत है। आखिर बाबा साहेब की मूर्ति प्रखंड परिसर में नहीं लगेगी तो कहां लगेगी।
इस पूरे मामले पर दरौली से विधायक सत्यदेव राम का कहना था कि दरौली प्रखंड परिसर में प्रशासन की अनुमति से मैंने अपने फंड से पैसा निकलवा कर बाबा साहेब का एक चबूतरा बनवाया था। उसको BDO ने रात में जेसीबी से तुड़वा दिया था। अब हम लोग मूर्ति लगाने की बात कर रहे हैं तो ये उसी सोच के लोग हैं जो बाबा साहब की मूर्ति लगाने से मना करते हैं।