Chhath Puja 2024: सीएम नीतीश समेत लाखों श्रद्धालुओं ने दिया अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य; घाटों पर उमड़ी भीड़
Bihar News: छठ घाट पर पटना जिला प्रशासन की ओर से सारी तैयारी पहले ही पूरी कर ली गई है। पटना में भी छठ के लिए 100 से अधिक घाट तैयार किए गए हैं। राजधानी के 102 गंगा घाटों, 63 तालाबों और 45 पार्कों में महापर्व हो रहा है।
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जानिए, भगवान भास्कर को अर्घ्य देने का फल
सूर्य की पूजा मुख्य रूप से तीन समय विशेष लाभकारी होती है - प्रातः , मध्यान्ह और सायंकाल। प्रातःकाल सूर्य की आराधना स्वास्थ्य को बेहतर करती है। मध्यान्ह की आराधना नाम-यश देती है। सायंकाल की आराधना सम्पन्नता प्रदान करती है। अस्ताचलगामी सूर्य अपनी दूसरी पत्नी प्रत्यूषा के साथ रहते हैं, जिनको अर्घ्य देना तुरंत प्रभावशाली होता है। जो लोग अस्ताचलगामी सूर्य की उपासना करते हैं, उन्हें प्रातःकाल की उपासना भी जरूर करनी चाहिए।
छठ का इतना महत्व क्यों है?
100 से अधिक घाट पटना में तैयार
छठ घाट पर जिला प्रशासन की ओर से सारी तैयारी पहले ही पूरी कर ली गई है। पटना में भी छठ के लिए 100 से अधिक घाट तैयार किए गए हैं। राजधानी के 102 गंगा घाटों, 63 तालाबों और 45 पार्कों में महापर्व हो रहा है। इनमें मुख्य रूप से कलेक्ट्रेट घाट, महेंद्रु घाट, दीघा घाट, जेपी सेतु घाट, दीघा पाटलिपुल घाट, मीनार घाट और गाय घाट पर काफी भीड़ उमड़ने वाली है। पटना में दानापुर से दीदारगंज तक 30 किमी हिस्से में गंगा घाटों पर 25 लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान सूर्य नारायण को अर्घ्य देंगे। इसकी तैयारी जिला प्रशासन ने पूरी कर ली है। घाटों पर महिला व्रतियों के लिए चेंजिंग रूम, सुरक्षा को लेकर वाच टावर, शौचालय, पीने के पानी, मेडिकल कैंप, भीड़ नियंत्रण के लिए जगह-जगह माइक, नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था की गई है। पार्किंग से गंगा घाटों की दूरी 200 से 500 मीटर है।