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Chhath Puja : इस गंभीर बीमारी से मुक्ति के लिए देशभर से यहां आकर करते हैं छठ; हजारों लोग यहां आज कर रहे खरना

Sat, 18 Nov 2023 06:47 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 18 Nov 2023 06:47 PM IST
सार

Chhath Puja: बड़गांव सूर्यपीठ में बिहार ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न भागों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु सूर्य तालाब में अर्घ्य देने के लिए पहुंच चुके हैं। शुक्रवार को नहाए खाए के साथ ही चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व छठ की शुरुआत हो गई थी। 

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Chhath Puja : People from all over the country come here to perform Chhath to get relief from serious diseases
दंड देते हुए महिला व्रती - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संपूर्ण जिला छठमय हो गया है। गांव से लेकर शहर तक मैं छठ गीत गुंजायमान है। छठ घाट सज धज कर तैयार है। बड़गांव सूर्यपीठ में बिहार ही नहीं बल्कि देश के विभिन्न भागों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु सूर्य तालाब में अर्घ्य देने के लिए पहुंच चुके हैं। शुक्रवार को नहाए खाए के साथ ही चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व छठ की शुरुआत हो गई थी। 

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कष्टी देते पहुंचे सूर्य मंदिर
बड़गांव स्थित सूर्य तालाब में स्नान के बाद श्रद्धालु कष्टी देते हुए सूर्य मंदिर तक पहुंचे। पौराणिक काल से ही लोगों में इस सूर्य तालाब एवं सूर्य मंदिर के प्रति गहरी आस्था है। सूर्य तालाब के किनारे एवं आसपास खाली जगह पर धोती साड़ी से खुले आसमान में आशियाना बनाकर छठवर्ती खरना का प्रसाद बनाने में जुट गए हैं। 
 

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Chhath Puja : People from all over the country come here to perform Chhath to get relief from serious diseases
खरना की तैयारी में लगी महिला व्रती - फोटो : अमर उजाला

जिला प्रशासन के द्वारा बनाया गया टेंट पंडाल
जिला प्रशासन के द्वारा पहली बार श्रद्धालुओं के लिए टेंट सिटी बनाया गया है। इसके पहले श्रद्धालु खुले आसमान में रहते थे। बड़गांव छठ मेला को राजकीय मेला का दर्जा हासिल है। जिला प्रशासन के द्वारा छठ घाट पर मुकम्मल व्यवस्था की गई है। बड़े वाहनों के प्रवेश पर सूर्य मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र में रोक लगा दी गई है ताकि छठ वर्तियो को अर्घ अर्पण करने में परेशानी ना हो। 
 

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बड़गांव का छठ मेला को ऐतिहासिक बनाने में जिला प्रशासन कोई कोर कसर छोड़ना नहीं चाह रही है यही वजह है कि व्रतियों एवं श्रद्धालुओं के आवासन के लिए तीन जगह पर टेंट सिटी का निर्माण कराया गया है। जबकि साफ-सफाई,पेय जल, शौचालय, सूर्य तालाब से लेकर सूर्य मंदिर तक सड़क पर कारपेट बिछाया गया है। इसके अलावा सुरक्षा को लेकर दंडाधिकारी, पुलिस बल, सीसीटीवी एवं एसडीआरएफ टीम को लगाया गया है।
 

क्या रहा है इतिहास
भगवान सूर्य के 12 अर्को में एक बड़गांव में देश के विभिन्न क्षेत्र से लोग आकर यहां चार दिनों तक प्रवास कर भगवान सूर्य की उपासना करते हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां चार दिनों तक प्रवास कर और तालाब में स्नान करने से कुष्ठ रोग से मुक्ति मिल जाती है वहीं मनोकामना भी पूरी होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान श्री कृष्ण के पौत्र राजा साम्ब को कुष्ठ रोग हो गया था। कुष्ठ रोग से मुक्ति पाने के लिए उन्होंने बड़ागांव में भगवान सूर्य की उपासना की थी। जिससे उन्हें कुष्ट रोग से मुक्ति मिली थी। सूर्य तालाब में खुदाई करने के उपरांत वहां भगवान भास्कर की प्रतिमा निकली थी। जिसे बड़गांव स्थित सूर्य मंदिर में स्थापित किया गया है।

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