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‘केंद्र ने लोकपाल बिल को ठंडे बस्ते में डाल दिया’
पटना/एजेंसी
Updated Mon, 27 Aug 2012 03:26 PM IST
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मजबूत लोकपाल लाने की केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। नीतीश ने 13 अगस्त (सोमवार) को यहां कहा कि यूपीए सरकार ने लोकपाल बिल को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। लोकपाल पर सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है। नीतीश ने समाजसेवी अन्ना हजारे के आंदोलन का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अन्ना ने जनहित में एक मुद्दा उठाया था।
वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन करने वाले बयान को नीतीश ने तवज्जो नहीं दी। भागवत की प्रतिक्रिया के संबंध में संवाददाताओं के सवाल के जवाब में नीतीश ने कहा कि हम ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जो किसी की तारीफ से फूल जाते हैं और किसी की आलोचना से सिकुड़ जाते हैं।
संघ से हरसंभव दूरी बनाए रखने वाले मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बयान के संबंध में भाजपा और आरएसएस दोनों की ओर से स्पष्टीकरण आ चुका है। भाजपा ने भी इस संबंध में आई खबर को ‘मीडिया मैनुफैक्चर्ड’ कहा है। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से भी तुलना किए जाने पर नीतीश ने आलोचना करते हुए कहा कि आप लोग घुमा फिराकर एक ही राज्य का नाम लेते हैं। हर राज्य को अपनी-अपनी तरक्की पर गर्व करने का अधिकार है।
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कुमार ने भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी से हाल ही में पटना में हुई उनकी मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर कहा कि यह महज शिष्टाचार भेंट थी। मुलाकात के दौरान देश की कई समस्याओं के बारे में चर्चा हुई तथा उन्हें बिहार में हो रहे विकास की जानकारी भी दी गई। इस मुलाकात के कोई अन्य अर्थ निकालने की आवश्यकता नहीं है।
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वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन करने वाले बयान को नीतीश ने तवज्जो नहीं दी। भागवत की प्रतिक्रिया के संबंध में संवाददाताओं के सवाल के जवाब में नीतीश ने कहा कि हम ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जो किसी की तारीफ से फूल जाते हैं और किसी की आलोचना से सिकुड़ जाते हैं।
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संघ से हरसंभव दूरी बनाए रखने वाले मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बयान के संबंध में भाजपा और आरएसएस दोनों की ओर से स्पष्टीकरण आ चुका है। भाजपा ने भी इस संबंध में आई खबर को ‘मीडिया मैनुफैक्चर्ड’ कहा है। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से भी तुलना किए जाने पर नीतीश ने आलोचना करते हुए कहा कि आप लोग घुमा फिराकर एक ही राज्य का नाम लेते हैं। हर राज्य को अपनी-अपनी तरक्की पर गर्व करने का अधिकार है।
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कुमार ने भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी से हाल ही में पटना में हुई उनकी मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर कहा कि यह महज शिष्टाचार भेंट थी। मुलाकात के दौरान देश की कई समस्याओं के बारे में चर्चा हुई तथा उन्हें बिहार में हो रहे विकास की जानकारी भी दी गई। इस मुलाकात के कोई अन्य अर्थ निकालने की आवश्यकता नहीं है।