विज्ञापन
विज्ञापन

जात-पात में बंटे पुलिस लाइन के चूल्हे

नीरज सहाय/बीबीसी, हिंदी डॉटकॉम Updated Tue, 04 Nov 2014 03:30 PM IST
caste system in bihar police
ख़बर सुनें
कानून जाति नहीं देखता, इसलिए उम्मीद की जाती है कि कानून का राज कायम रखने के लिए जिम्मेदार पुलिस भी जात-पात से ऊपर उठकर काम करें।
विज्ञापन
लेकिन, बिहार की राजधानी पटना में संसाधनों के घोर अभाव से जूझती पुलिस लाइन की हकीकत कुछ और ही है। यहां पुलिस के हजारों जवान अपनी-अपनी जाति के बैरक में रहना पसंद करते हैं। जाति विशेष के चूल्हे पर बना खाना ही पसंद करते हैं।

रहने और खानपान में भेदभाव और अस्वच्छ माहौल का असर ड्यूटी निभाने के तौर तरीके पर भी पड़ता है। मानवाधिकार उल्लंघन के भी कुछ मामले सामने आते हैं।

बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग (बीएचआरसी) ने पुलिस लाइन की जातिवादी बैरक और रसोई पर कड़ा ऐतराज किया है।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

नहीं जलता साझा चूल्हा

विज्ञापन

Recommended

आखिर भारतीयों को क्यो पसंद है रमी खेलना?
Junglee Rummy

आखिर भारतीयों को क्यो पसंद है रमी खेलना?

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा और घर बैठें पाएं प्रसाद : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा और घर बैठें पाएं प्रसाद : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Education

देश में शुरू हुए 21 नए केंद्रीय विद्यालय, जानें यूपी-बिहार समेत किस राज्य को मिले कितने स्कूल

आज देश को 21 नए केंद्रीय विद्यालय मिले हैं। ये सभी केंद्रीय विद्यालय देश के अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग जिलों में शुरू हो रहे हैं।

13 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

कमलेश तिवारी हत्याकांड में ATS को मिली कामयाबी, दोनों मुख्य आरोपी गिरफ्तार

कमलेश तिवारी हत्याकांड में फरार दोनों आरोपियों को गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है. दोनों आरोपियों के नाम अश्फाक और मुईनुद्दीन है.

22 अक्टूबर 2019

Related

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree