बिहार में दिमागी बुखार से 104 बच्चों की मौत, मंत्रियों के खिलाफ अदालत पहुंचा मामला
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बिहार में इन दिनों एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) अपना कहर बरपा रहा है। इसे बीमारी को दिमागी बुखार और जापानी बुखार के नाम से भी जाना जाता है। अबतक 100 बच्चे इसकी चपेट में आकर दम तोड़ चुके हैं। टीवी रिपोर्ट के अनुसार मुजफ्फरपुर की सीजेएम अदालत में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के खिलाफ मुकदमा दायर हुआ है।
सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने उनके खिलाफ शिकायत दी है जिसपर 24 जून को सुनवाई होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को मुजफ्फरपुर का दौरा किया था। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे भी मौजूद थे। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने मंत्रियों को बताया कि हालात का जायजा लेने के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों ने एक समीक्षा बैठक की।
Bihar: A case has been registered against Union Health Minister Dr Harsh Vardhan and Bihar Health Minister Mangal Pandey in Muzaffarpur for not spreading awareness about Acute Encephalitis Syndrome (AES) prior to the outbreak. (file pics) pic.twitter.com/UdHhqJYXtu
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 17, 2019
वहीं, मौतों का आंकड़ा बढ़कर 104 हो गया है।
#UPDATE Death toll due to Acute Encephalitis Syndrome (AES) in Muzaffarpur rises to 104. #Bihar pic.twitter.com/H7Ub0Szllc
— ANI (@ANI) June 17, 2019
आज बिहार के मंत्री श्याम रजक से जब पूछा गया कि क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर के श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज (एसकेएमसीएच) अस्पताल आएंगे जहां 80 से ज्यादा मरीजों की दिमागी बुखार के कारण मौत हो चुकी है तो उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री हर चीज पर नजर रख रहे हैं। क्या जरूरी है? निगरानी करना या मरीजों का इलाज करना या उनसे यहां मिलने के लिए आना?'
इसी बीच सोमवार को संसद भवन से बाहर निकले हर्षवर्धन से जब पत्रकारों ने बिहार में दिमागी बुखार के कारण बढ़ते मौत के आंकड़ों को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि नहीं, नहीं आज मैं कोई बाइट नहीं दूंगा। यह कहते हुए वह सीधे अपनी कार की तरफ गए और उसमें बैठकर रवाना हो गए।
#WATCH Union Health Minister Dr Harsh Vardhan refuses to speak on rising death toll in Muzaffarpur (Bihar) due to Acute Encephalitis Syndrome (AES) pic.twitter.com/TVAuFnWNPP
— ANI (@ANI) June 17, 2019
बता दें कि बिहार के एसकेएमसीएच और केजरीवाल अस्पताल में रोजाना दिमागी बुखार से पीड़ित बच्चों के आने का सिलसिला जारी है। इस बुखार के कारण सबसे ज्यादा मौतें मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच अस्पताल में ही हुई हैं। इस बुखार पर रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।
वहीं, भाजपा नेता डॉ. सीपी ठाकुर ने एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम के कारण हुई मौत के मुद्दे पर बिहार सरकार और सीएम नीतीश कुमार पर सवाल उठाए हैं। अपनी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि सरकार को बिमारी के इस प्रकोप पर समय रहते ही सक्रिय मोड में आना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी बीमारियां लोगों को प्रभावित न करें। उन्होंने कहा कि यदि लीची के सेवन के कारण ऐसा हुआ है तो उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए।
He also states that the govt should take this seriously and focus on research so that such diseases don't affect people in future. He states that a high level investigation should be done if it happened due to consumption of Litchis. https://t.co/09WNmUod1s
— ANI (@ANI) June 17, 2019
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