भगवान पर नहीं चल सकता नारी उत्पीड़न का मामला
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बिहार के सीतामढ़ी में भगवान राम के खिलाफ नारी उत्पीड़न का दर्ज केस वहां की अदालत ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि भगवान राम पर मामला नहीं चलाया जा सकता।
बता दें कि बिहार के सीतामढ़ी में डुमरी कला गांव निवासी अधिवक्ता ठाकुर चंदन सिंह ने शनिवार को सीजेएम कोर्ट में भगवान राम और लक्षमण के खिलाफ परिवाद दायर किया था।
जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि त्रेता युग में भगवान लक्ष्मण ने एक धोबी की बातों में आकर अपनी पत्नी सीता (मां जानकी) का परित्याग कर दिया।
ये है मामला
चंदन सिंह के अनुसार मुकदमा दर्ज कराने का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, मां सीता को न्याय दिलाना है।
परिवाद
पत्र में चंदन सिंह ने लिखा कि सीता जी मिथिला की बेटी थी और सौभाग्य से
वह भी मिथिला की धरती पर पैदा हुआ है।
उन्हें लगता है कि भगवान राम ने
मिथिला की बेटी के साथ न्याय नहीं किया इसलिए वह उन्हें न्याय दिलाना चाहता
है।