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नीतीश्ा सरकार ने नहीं खर्च किए कोसी राहत के पैसे

Wed, 03 Apr 2013 02:08 PM IST
पटना/इंटरनेट डेस्क
पटना/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 03 Apr 2013 02:08 PM IST
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cag raised questions on financial management in kosi relief

नियंत्रक महालेखा परीक्षक (कैग) ने बिहार की नीतीश्ा कुमार सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल खड़ा किया है। कैग की रिपोर्ट के अनुसार कोसी बाढ़ बचाव परियोजना में राहत कार्य के लिए दिए गए पैसे का मात्र 19 प्रतिशत ही खर्च किया गया।

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परियोजना के तहत बाढ़ प्रभावित कोसी क्षेत्र में पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण के लिए दिए गए 467.81 करोड़ रूपए मार्च 2012 तक बिना इस्तेमाल के पड़े रहे।

साथ ही बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए आजीविका के अवसर बढ़ाने हेतु 65 करोड़ रूपये उपलब्ध कराये गये थे। इसमें से 31 मार्च 2012 तक मात्र 11.30 करोड़ रूपये खर्च ही खर्च हुए और शेष 53.86 करोड़ रूपये बैंक खाते में पड़ रहे। कैग की विधानसभा में मंगलवार को पेश मार्च 2012 को समाप्त हुए वर्ष की रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है।
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रिपोर्ट के अनुसार कोसी बाढ़ बचाव परियोजना के क्रियान्वयन में ढीलापन रहा है। आपदा बचाव एवं भविष्य के जोखिम कम करने के उद्देश्य से जुलाई 2010 में बिहार आपदा पुनर्वास एवं पुननिर्माण समिति का का गठन किया गया था।
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साल 2010-12 के बीच योजना एवं विकास विभाग ने 575.19 करोड़ का अनुदान दिया था। मार्च 2012 तक अनुदान राशि का इस्तेमाल करना था। मगर मार्च 2012 तक इसमें से 467.81 करोड़ की राशि का उपयोग नहीं हो पाया।

कोसी बाढ़ पीड़ितों के लिए आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के लिए 'जीविका' नाम से एजेंसी का निर्माण किया गया था। वर्ष 2010-12 के दौरान 'जीविका' को बीएपीईपीएस और योजना एवं विकास विभाग से 65 करोड़ का अनुदान प्राप्त हुआ पर इस राशि में भी सिर्फ 11.30 करोड़ का उपयोग हो पाया। मार्च 2012 तक 53.86 करोड़ बैंक खाते में हर पड़े रहे।

इसके अतिरिक्त कैग रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 201।-12 में नमूना जांच के आधार पर 03.58 करोड़ रुपए के गबन, घाटे, गड़बड़ी और आधिक भुगतान समेत चोरी के 17 मामले हैं।


इन मामलों में करीब 32 लाख रूपये के दुरूपयोग के तीन, 1 करोड़ 22 लाख रूपये के गबन के सात, 1 करोड़ 50 लाख रुपए के आधिक भुगतान के चार, 31 लाख रूपये की चोरी का एक और 23 लाख रुपए के भुगतान में गड़बड़ी के दो मामले शामिल हैं।

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