Bhagalpur Bridge Collapse : खगड़िया में अगुवानी घाट पुल ही सिर्फ पुल ही नहीं गिरा, जान भी गई! गार्ड गायब
Bihar: पुल हादसे के बाद से गार्ड का मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा है। आशंका जताई जा रही है कि पुल का सुपर स्ट्रक्चर गिरने के साथ वह भी गंगा में समा गया। SDRF की टीम खोजबीन कर रही है, लेकिन अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।
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बिहार में सुलतानगंज-अगुवानी गंगा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन फोरलेन पुल एक बार फिर जमींदोज हो गया। निर्माणाधीन पुल का सुपर स्ट्रक्चर नदी में गिर गया। वहीं पुल पर ड्यूटी कर रहे दो गार्ड भी हादसे के बाद से लापता हैं। SDRF की टीम इनकी तलाश कर रही है। गार्ड की पहचान खीराडीह ग्राम निवासी छोपेंद्र यादव का पुत्र विभास कुमार जो पुल कंपनी में गार्ड का काम करता था। पुल हादसे के बाद से उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा है। आशंका जताई जा रही है कि पुल का सुपर स्ट्रक्चर गिरने के साथ वह भी गंगा में समा गया। SDRF की टीम खोजबीन कर रही है, लेकिन अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। विभास कुमार के परिजनों ने बताया कि उसके 4 बच्चे हैं। उसके पास एक धुर जमीन भी नहीं था। किसी तरह मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालता था। आशंका है कि हादसे में उसकी मृत्यु हो गई है।
स्थानीय लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा है
वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा है। लोगों ने कहा कि जिस पुल को 5 साल में बनना था वह 8 साल में भी नहीं बन पाया। ऐसा घटिया पुल बनाने से अच्छा है कि पुल ही ना बने। गनीमत है कि पुल चालू होने से पहले गिर गया। अगर पुल चालू होता तो पता नहीं हादसे का मंजर कितना भयानक हो सकता था। साथ ही लोगों ने पुल निर्माण कंपनी पर भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। लोगों ने कहा कि पुल में एक्सपायरी सीमेंट इस्तमाल किया जाता था और फ्लेक्स भी मिलाया जाता था। लोग इस हादसे का खूब मजाक भी बना रहे है। कह रहे हैं कि पिछले बार आंधी में पुल उड़ गया था और लगता है इस बार भीषण गर्मी के कारण पूल को लू मार दिया।
परिवार को 4 लाख का अनुदान राशि मिलेगा क्या
साथ ही लोगों ने कहा कि बहुत जगह हमलोग आज भी अंग्रेज के बनाए पुल का इस्तमाल करते थे। इससे अच्छा पुल तो अंग्रेज बनाते थे जो सौ - सौ साल चलता था। और एक तरफ ये पुल है जो चालू होने से पहले ही गिर गया। लोगों ने सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनुदान राशि पर भी सवाल उठाया। लोगों ने सरकार से सवाल किया कि अगर लापता गार्ड विभास कुमार का शव नहीं मिलेगा तो क्या उसके परिवार को 4 लाख का अनुदान राशि मिलेगा?