बिहार चुनावः हवाई जहाज से जनता के दिल में उतरने को तैयार बीजेपी
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बिहार चुनाव के लिए राजग ने कमर कस ली है, सबसे ज्यादा राजग नेताओं के उड़न खटोले आसमान में नजर आएंगे। सूबे में अपने पक्ष में चुनावी हवा बहाने के लिए भाजपा ने अपने नेताओं की ताबड़तोड़ सभाएं तय की हैं।
केंद्रीय मंत्री से लेकर तमाम राष्ट्रीय और प्रदेश के बडे़ नेता प्रचार में उतारे जाने हैं। पार्टी ने इन नेताओं के लिए 12 हेलिकाप्टर भाडे़ पर लिए हैं। जबकि 2 हेलिकाप्टर सहयोगी दलों के नेताओं के लिए पार्टी ने किराए पर लिया है।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को एक जगह से दूसरे जगह ले जाने के लिए भाजपा ने छह सीट वाले 2 छोटे विमानों को चुनाव प्रचार तक के लिए किराए पर लिया है। पार्टी की रणनीति प्रचार के जरिए छा जाने की है। नेताओं के समय की अहमियत को देखते हुए प्रचार के लिए सूबे को अलग-अलग क्षेत्र के हिसाब से बांटा गया है।
पटना में भाजपा की यातायात व्यवस्था संभाल रहे एक नेता ने बताया कि पार्टी ने चुनाव के लिए 12 से 14 हेलिकाप्टर बुक किए हैं। इस वजह से महागठबंधन दलों के नेताओं को हेलिकाप्टर मिलने में मुश्किलें आ रही हैं।
बताया जा रहा है महागठबंधन के जरिए सामाजिक समीकरण साधने की कवायद के मद्देनजर भाजपा ने जनता में अपनी हवा बहाकर चुनाव जीतने की रणनीति बनाई है। इसलिए प्रचार सभा के लिए उड़न खटोले से नेताओं के ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं कि उन्हें एक सभा से दूसरी सभा में पहुंचने में महज 25 मिनट का समय लगे। इस बात की खास सावधानी बरती जा रही है कि तय सभाओं में से एक भी सभा रद्द न हो।
पिछले चुनाव में रद्द हुई कई सभाएं
पिछले चुनाव में यह बात उभरकर सामने आई थी कि हेलिकाप्टर से सभा स्थल तक जाने के क्रम में अंतिम सभा पर अक्सर ग्रहण लग जाता था।
इससे निजात पाने के लिए प्रभारी भूपेंद्र यादव के रणबांकुरों ने चुनाव अभियान के शुरूआत में ही पुख्ता रणनीति बना ली है। जिन जगहों पर नेताओं की सभा होनी है। एक हेलिकाप्टर प्रबंधन प्रमुख बनाया गया है। इन कार्यकर्ताओं ने स्थानीय प्रशासन से सभा स्थल पर हेलिकाप्टर के उतरने की अनुमति पूर्व में ही ले ली है।
पहले देखा जाता था कि ऐन वक्त पर स्थानीय प्रशासन अडंगा लगा देता है। पहले के अनुभवों की कमजोरियों को देखते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने पहले ही काट ढूंढ ली है। ताकि नेताओं के उड़न खटोले के उड़ने में कोई अड़चन न रहे।