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Bihar: बिहार में जेपी नड्डा के खिलाफ लगे नारे, NEP वापस लेने और पटना विवि को केंद्रीय दर्जा देने की मांग
Sat, 30 Jul 2022 06:57 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 30 Jul 2022 06:57 PM IST
सार
नड्डा को घेरने वाले प्रदर्शनकारियों का मुख्य नारा 'जेपी नड्डा, वापस जाओ' था। उन्हें बाहर निकालने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को धक्का दिया। नड्डा पटना कॉलेज के सेमिनार हॉल में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
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भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के खिलाफ नारेबाजी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को उस वक्त छात्रों के आक्रोश का सामना करना पड़ा जब वह पटना कॉलेज पहुंचे हुए थे। छात्रों ने जेपी नड्डा वापस जाओ के नारे लगाए। छात्रों ने 2020 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति को वापस करने और पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा देने की मांग की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नड्डा को घेरने वाले प्रदर्शनकारियों का मुख्य नारा 'जेपी नड्डा, वापस जाओ' था। उन्हें बाहर निकालने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को धक्का दिया। नड्डा पटना कॉलेज के सेमिनार हॉल में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। नड्डा ने इसी कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक किया था और उनके पिता भी इसी कॉलेज में काम करते ते।
इस घेराव को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भाजपा, जदयू के नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार में भागीदार है। नड्डा आज मुख्य रूप से भाजपा के सात फ्रंटल संगठनों के दो दिवसीय सम्मेलन के लिए राज्य की राजधानी पहुंचे।
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आइसा की ओर से एक जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि नीरज यादव, आदित्य रंजन और अन्य के साथ राज्य इकाई के संयुक्त सचिव कुमार दिव्यम ने विरोध का नेतृत्व किया। वामपंथी संगठन ने माना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 श्रेणीबद्ध असमानता को बढ़ावा देने के अलावा और कुछ नहीं है।
नई शिक्षा नीति को लेकर आइसा ने कहा कि निजी संस्थानों की संख्या में वृद्धि से सामाजिक न्याय के विचार को नुकसान होगा।
पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय का दर्जा दिलाने की मांग करने वाली आइसा अकेली नहीं है. इसकी मांग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले भी उठा चुके हैं।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, नड्डा को घेरने वाले प्रदर्शनकारियों का मुख्य नारा 'जेपी नड्डा, वापस जाओ' था। उन्हें बाहर निकालने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को धक्का दिया। नड्डा पटना कॉलेज के सेमिनार हॉल में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। नड्डा ने इसी कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक किया था और उनके पिता भी इसी कॉलेज में काम करते ते।
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इस घेराव को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भाजपा, जदयू के नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार में भागीदार है। नड्डा आज मुख्य रूप से भाजपा के सात फ्रंटल संगठनों के दो दिवसीय सम्मेलन के लिए राज्य की राजधानी पहुंचे।
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आइसा की ओर से एक जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि नीरज यादव, आदित्य रंजन और अन्य के साथ राज्य इकाई के संयुक्त सचिव कुमार दिव्यम ने विरोध का नेतृत्व किया। वामपंथी संगठन ने माना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 श्रेणीबद्ध असमानता को बढ़ावा देने के अलावा और कुछ नहीं है।
नई शिक्षा नीति को लेकर आइसा ने कहा कि निजी संस्थानों की संख्या में वृद्धि से सामाजिक न्याय के विचार को नुकसान होगा।
पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय का दर्जा दिलाने की मांग करने वाली आइसा अकेली नहीं है. इसकी मांग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले भी उठा चुके हैं।