खुलासा : नोटबंदी के ठीक पहले बीजेपी नेताओं ने बिहार में करोड़ों की जमीनें खरीदी
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नोटबंदी की घोषणा के ठीक पहले बीजेपी ने देश के अलग-अलग हिस्सों में अरबों की जमीनें खरीदीं है। अकेले बिहार में पार्टी ने अगस्त महीने के बाद से लेकर नवंबर महीने के पहले हफ्ते तक करोड़ों रुपये की जमीनें अलग-अलग जिलों में खरीदीं है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने नोटबंदी से ठीक पहले बिहार और देश के अलग-अलग कोनों में करोड़ो और अरबों की संपत्ति कैश और चेक के माध्यम से खरीदी है। सुरजेवाला ने ट्वीट कर दस्तावेज भी शेयर किए हैं।
भाजपा ने नोटबंदी से ठीक पहले बिहार और देश के अलग अलग कोनों में करोड़ो और अरबों की संपत्ति कैश और चेक के माध्यम से खरीदी (1/n) pic.twitter.com/mGn9zvEjBN
— Randeep S Surjewala (@rssurjewala) November 25, 2016विज्ञापन
कांग्रेस प्रवक्ता ने बीजेपी द्वारा खरीदी गई इन जमीनों के दर्जन भर डीटेल्स दिए हैं। बीजेपी ने ये संपत्तियां अपने नेताओं के नाम पर खरीदी हैं। इनमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की ओर से पार्टी के सीनियर कार्यकर्ता और विधायकों को ऑथोराइज्ड सिग्नेटरी नियुक्त किया गया है।
दीघा (पटना) के बीजेपी एमएलए संजीव चौरसिया इन तमाम खरीद में सिग्नेटरी बताये जा रहे हैं। चौरसिया और पार्टी के एक अन्य नेता ने मीडिया के अन्य माध्यमों से बातचीत में स्वीकार किया है कि पार्टी ने हाल के दिनों में बड़ी मात्रा में जमीनों की खरीदी है। चौरसिया के मुताबिक पार्टी ने बिहार के साथ ही देश भर में जमीनें खरीदी हैं। ये जमीनें पार्टी कार्यालय और पार्टी के तमाम दूसरे कामों के लिए ली गई हैं।
चौरसिया के मुताबिक, ‘सब जगह जमीन खरीदी जा रही थी। बिहार के साथ और भी जगह जमीन खरीदी जा रही है…हम लोग तो सिर्फ सिग्नेटरी अथॉरिटी हैं, पैसा तो पार्टी की तरफ से आया था…सारी जमीन खरीदी है पार्टी कार्यालय के लिए और अन्य कामों के लिए। नवंबर के फर्स्ट वीक तक जमीन खरीदी है।’
यह पूछे जाने पर कि खरीददारी नगद हुई या चेक के जरिए? चौरसिया कहते हैं, ‘पार्टी का काम एक नंबर से होता है। उसका तरीका अलग-अलग होता है। लेकिनर नगद लेनदेन नहीं हुआ होगा।’
जानिए : किन-किन नेताओं के नाम खरीदी गई जमीनें
दस्तावेज के मुताबिक, बीजेपी ने बिहार के तमाम शहरों जैसे मधुबनी, मधेपुरा, कटिहार, किशनगंज, अररिया, अरवल, लखीसराय आदि में जमीनें खरीदीं हैं। पार्टी द्वारा खरीदी गई जमीनों की साइज आधा एकड़ से 250 वर्गफीट के बीच है। इनकी कीमत 8 लाख से 1.16 करोड़ के बीच है। सबसे महंगी जमीन करीब 1100 रुपए प्रति वर्ग फीट की दर से खरीदी गई है।लखीसराय में 60.13 लाख रुपए में एक जमीन खरीदी।
जिनके नाम बिहार में जमीन खरीदी गई है –
संजीव चौरसिया- महासचिव भाजपा, बिहार इकाई। उनका पता है 11, अशोक रोड, राष्ट्रीय मुख्यालय, भाजपा।
लाल बाबू प्रसाद- उपाध्यक्ष, भाजपा बिहार इकाई। इनका पता है- गांव, आर्य समाज रोड, नरकटियागंज, पीएस नरकटियागंज, पश्चिमी चंपारण।
दिलीप कुमार जायसवाल- कोषाध्यक्ष, भाजपा बिहार इकाई, पूरबपाली रोड, पीएस, जिला किशनगंज।
कुछ मामलों में भाजपा खुद ही खरीददार पार्टी है और पता 11 अशोक रोड दर्ज है।
नोटबंदी से पहले जमीन खरीद का मामला उजागर होने के बाद जदयू ने मामले की बड़ी जांच की मांग की है। पार्टी ने आधिकारिक ट्वीट से ब्लैक मनी के माध्यम भुगतान का आरोप लगाया है।
Just before declaration of #Demotization @BJP4India even paid in advance for construction material for its offices in every district.
— Janata Dal (United) (@JanatadalU) November 24, 2016