Bihar : गैंगरेप के तीन आरोपी को उम्र कैद और सात को मिली 20 वर्ष की सजा, वीडियो वायरल होने पर हुई थी पहचान
Bihar: अगस्त 2018 में दस हैवानों ने मिलकर एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप किया। फिर उस घटना का वीडियो बनाकर वायरल भी कर दिया। वायरल वीडियो से ही आरोपियों की पहचान हुई और वह सभी गिरफ्तार हो गये। अब उन सभी आरोपियों को एक साथ एक जैसी सजा मिली है।
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सोमवार को सामूहिक दुष्कर्म के मामले में गया कोर्ट ने दस आरोपियों को सजा सुनाया है। पॉक्सो कोर्ट के विशेष जज असिताभ कुमार ने आरोपी श्रीचंद कुमार , गुड्डू मांझी और रंजीत कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि आरोपी प्रकाश रविदास, पिंटू रविदास, बबलू रविदास, सौरव कुमार, बीकू कुमार उर्फ राहुल, संजय कुमार और भूषण रविदास को बीस साल की सजा सुनाई गई है। गया कोर्ट ने आरोपियों को विभिन्न धाराओं के अंतर्गत सात हजार रुपया आर्थिक दंड भी लगाया है। वहीं कोर्ट ने भादवि की धारा 376 डी में बीस साल और पांच हजार रुपया आर्थिक दंड, 323 भादवि में एक साल और पांच सौ रुपया, 354 डी में तीन साल एवं पांच सौ रुपया , 342 भादवि में एक साल एवं पांच सौ रुपया, 452 भादवि में पांच साल एवं पांच सौ रुपया का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। इस मामले में अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक कैर सरफुद्दीन और कमलेश कुमार सिन्हा ने न्यायालय में अपना पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष की ओर से चार वकीलों ने अपना पक्ष रखा। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में गया कोर्ट में पहली बार दस आरोपियों को सजा सुनाई गई है।
गैंगरेप का वीडियो हुआ था वायरल
यह घटना 25 अगस्त 2018 की है। उस दिन मुफस्सिल थाना क्षेत्र के एक गांव में पीड़िता के साथ आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। घटना तब सामने आया था, जब रेपकांड का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो वायरल होने के बाद शहर के मुफस्सिल थाना के दरोगा राकेश कुमार के बयान पर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज किया था। उक्त मामले में पीड़िता, परिजन, डॉक्टर और चार पुलिस पदाधिकारी की गवाही सरकार की ओर से कराई गई थी। गैंगरेप मामले में 11 लोगों की गवाही अभियोजन की ओर से कराई गई थी, जबकि बचाव पक्ष से एक शख्स की गवाही कराई गई थी। वीडियो वायरल होने से आरोपियों की पहचान हुई थी। इसके बाद थाने में कांड संख्या 356 /18 के तहत मामला दर्ज हुआ था।