बिहार चुनाव 2015: वे 11 बयान जिनसे बदनाम हुआ ये चुनाव
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अंतिम चरण के मतदान के साथ ही बिहार के विधानसभा चुनावों का समापन हो गया, अब इंतजार है तो बस ईवीएम खुलने का जिससे प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला भी होगा और पटना के तख्त का भी। यूं तो बिहार को देशभर की राजनीति की प्रयोगशाला माना जाता है लेकिन इस बार के विधानसभा चुनावों ने जितनी सुर्खियां बटोरी उतनी शायद ही पहले किसी चुनावों ने बटोरी हों। हालांकि चुनाव तो शांतिपूर्ण हुए लेकिन राजनेताओं की जुबान हर कदम जहर उगलती रही।
शब्दों की गरिमा गिरी तो बड़े-छोटे की मान मर्यादा भी मलीन होती नजर आई। राजनेताओं में भी एक दूसरे को लेकर जैसी कटुता इन चुनावों में नजर आई ऐसी शायद ही पहले किसी ने देखी हो। आइए निगाह डालते हैं ऐसे ही कुछ बयानों पर जिन्होंने तमाम अच्छे प्रयासों के बाद भी इन चुनावों को बदनाम करने में कसर नहीं छोड़ी।
डीएनए और जंगलराज
विवादित बयानों के इस सिलसिले की शुरूआत बिहार में चुनावों का बिगुल बजने से पहले ही उस समय हो गई थी जब 25 जुलाई को मुजफ्फरपुर में कई परियोजनाओं का उद्घाटन करने पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने नीतीश की उपस्थिति में ही उनके राजनीतिक डीएनए पर सवाल उठा दिया।
प्रधानमंत्री के इस बयान को नीतीश कुमार ने मुद्दा बना लिया और पूरे प्रदेश भर में इसके खिलाफ अभियान छेड़ते हुए प्रधानमंत्री मोदी को 50 लाख बिहारियों का डीएनए जांच के लिए भेजने की घोषणा कर दी। बहरहाल इस मुद्दे ने चुनावों के अंत तक पीएम मोदी का पीछा नहीं छोड़ा।
बैकवर्ड और फारवर्ड
इसी बीच 27 सितंबर को लालू यादव ने चुनावों में बैकवर्ड फारवर्ड का मुद्दा भी उछाल दिया। बेटे तेजस्वी के लिए राघोपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए लालू यादव ने कहा कि बिहार का चुनाव बैकवर्ड और फारवर्ड के बीच है। वैसे फारवर्ड से उनका इशारा भाजपा की ओर था।
लालू की मंशा भाजपा को पिछड़ी जातियों का हिमायत बताते हुए खुद को पिछड़ी और दलित जातियों का हमदर्द साबित करने की थी। इसको लेकर उनकी जमकर आलोचना हुई।
चारा चोर लालूः अमित शाह
यह मामला अभी थमा भी नहीं था कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 1 अक्टूबर को बेगुसराय में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव को चारा चोर कह दिया। शाह यही नहीं थमे कहा चारा चोर लालू की वजह से ही महान लोगों की धरती बिहार बदनाम हुआ।उनके इस बयान पर लालू के साथ साथ चुनाव आयोग की भी भृकुटियां तन गईं।
नरभक्षी और तड़ीपार शाहः लालू
जैसा की माना जा रहा था अमित शाह के इस बयान का तुरंत असर भी हुआ। इससे भड़के राजद प्रमुख लालू यादव ने अमित शाह पर हमला बोल दिया।
उन्होंने शाह को नरभक्षी और तड़ीपार तक की संज्ञा दे डाली। कहा- इस तड़ीपार को किन कुकर्मों के कारण गुजरात से बाहर निकाला गया, बताएं।
मोदी शैतान और दरिंदाः अकबरुद्दीन ओवैसी
बड़े नेताओं के इस कीचड़ उछाल आयोजन में छोटे छोटे नेताओं ने भी छलांग लगा दी। किशनगंज के कोचाधमन में 4 अक्टूबर को आयोजित एक चुनावी रैली में प्रधानमंत्री मोदी को शैतान और दरिंदा तक कह डाला। हालांकि इसके तुंरत बाद कोचाधमन में ही मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया।
हिंदू भी खाते हैं बीफः लालू
देशभर में जब दादरी कांड को लेकर हल्ला मचा हुआ था तब लालू यादव के एक बयान ने उनके गले में मुसीबत डाल दी। एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान लालू ने कहा हिंदू भी बीफ खाते हैं। उनका यह बयान सामने आते ही हल्ला मच गया। इस पर लालू ने जमकर सफाई दी लेकिन तीर कमान से निकल चुका था।
शैतान ने दिलवाया बयानः लालू
लालू का ये बयान सामने आया तो उन्होंने इसका दोष उनसे बात करने वाले पत्रकार पर ही मढ़ दिया। कहा- मेरे मुंह से शैतान ने अपने शब्द कहलवा दिए। दरअसल उनका कहना था कि उक्त पत्रकार ने ही उनके मुंह से ऐसे शब्द कहलवा दिए। बाद में उन्होंने उस पत्रकार को हरामजादा तक कह डाला।
वहीं लालू के बयान के बाद उनकी आलोचना शुरू हुई तो पीएम मोदी ने भी इसको लेकर उन पर निशाना साध दिया। कहा पूरी दुनिया में शैतान को लालू का ही घर मिला जो उनसे ऐसा बयान दिलवाया।
ब्रह्मपिशाच हैं मोदीः लालू
मोदी के शैतान वाले बयान पर लालू का पारा हाई हो गया। उन्होंने पलटवार करते हुए मोदी को गुजरात दंगों के लिए घेरते हुए उन्हें ब्रह्मपिशाच तक कह डाला। हालांकि उनके इस बयान पर चुनाव आयोग ने नाराजगी जताई, लेकिन लालू ने अपना बयान वापस नहीं लिया बल्कि उनकी जुबान और तीखी हो गई।
मोदी को कर देंगे बधियाः लालू
ब्रह्मपिशाच के बाद लालू ने मोदी पर हमले लगातार जारी रखे। एक चुनावी सभा में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को बधिया करने तक की बात कह डाली। कहा इस मोदी को हम बिहार से बधिया करके भेजेंगे। गौरतलब है कि बधिया एक ऐसा शब्द है जिसे आमतौर पर गाली के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
मोदी ने कहा थ्री इडियट्स
आरोप प्रत्यारोपों और विवादित बयानों की इस लड़ाई में अभी तक दूर रहने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कूद पड़े। उन्होंने थ्री इडियट फिल्म के एक गाने की पैरोडी पर काला धन वापस लाने को लेकर पीएम मोदी का मजाक उड़ाया तो मोदी ने चुनावी सभा में उन्हें भी निशाना बना लिया। कहा- नीतीश ने अच्छा काम शुरू किया है अपने दरबारियों को खुश करने का। मोदी ने थ्री इडियट फिल्म के शीर्षक को राजद-जेडीयू और कांग्रेस पार्टी से जोड़ते हुए तीनों को थ्री इडियट ही कह डाला।
भाजपा हारी तो पाकिस्तान में फूटेंगे पटाखेः शाह
27 अक्टूबर को बेतिया में चौथे चरण के चुनाव से पहले अमित शाह ने एक और विवादित बयान दे दिया। कहा अगर भाजपा बिहार में चुनाव हारी तो जेल में बैठा शाहबुद्दीन खुश होगा और पाकिस्तान में पटाखे फूटेंगे। उनके इस बयान की जमकर आलोचना हुई, माकपा नेता वृंदा करात ने इस पर पलटवार करते हुए कहा भाजपा हारी तो पाकिस्तान नहीं पूरे देश में पटाखे फूटेंगे।
देश का दुर्भाग्य ऐसा पीएम मिलाः मीसा
ऐसा नहीं है विवादित बयानों की इस फेहरिस्त में सिर्फ दिग्गज ही शामिल रहे, बल्कि उनके राजनीतिक वारिस भी इसमें कूद पड़े। प्रधानमंत्री मोदी के बेटे बेटियों को राजनीति में सेट करने के बयान पर मीसा भारती ने भड़कते हुए कहा कि देश का दुर्भाग्य है जो ऐसा प्रधानमंत्री मिला। मीसा ने कहा उन्हें महिलाओं का सम्मान करना नहीं आता।