बिहार: पटना में दुर्गा पूजा पर सजेगी सुरों की महफिल, बापू टावर में ‘भावांजलि’, सीएम सम्राट कब करेंगे शुभारंभ?
दुर्गा पूजा के दौरान पटना में इस बार कला और संगीत की खास महफिल सजेगी।‘भावांजलि’ में कथक, शास्त्रीय गायन, भजन, गजल और शहनाई की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र होंगी। जानिए, किन प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी और आमंत्रण कार्ड के जरिए कैसे मिलेगी कार्यक्रम में प्रवेश की सुविधा।
विस्तार
देश के अलग-अलग शहरों के कलाकार देंगे प्रस्तुति
‘भावांजलि’ में कई प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को भारतीय कला और संगीत की विविध विधाओं से रूबरू कराएंगे। मास्को की श्वेता सिंह उमा भजन और कविता प्रस्तुत करेंगी। अहमदाबाद की कथक नृत्यांगना संजुक्ता सिन्हा और पुणे की शास्त्रीय गायिका सान्या पटनकर भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगी। इसके अलावा दिल्ली के भजन एवं गजल गायक शशांक शेखर और वाराणसी के शहनाई वादक जाकिर हुसैन अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम का संचालन भारती ओझा करेंगी।
दुर्गा पूजा की पुरानी सांस्कृतिक पहचान को सहेजने की पहल
पीएलएफ के संस्थापक एवं सचिव खुर्शीद अहमद के अनुसार, ‘धरोहर’ श्रृंखला की शुरुआत दुर्गा पूजा के दौरान पटना की पुरानी सांस्कृतिक परंपराओं और विरासत को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से की गई थी। पिछले चार वर्षों में इस श्रृंखला के कार्यक्रमों को शहर के लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिला है। उन्होंने बताया कि एक समय दुर्गा पूजा के दौरान पटना में कथक, शास्त्रीय संगीत, भजन और शहनाई वादन की महफिलें सांस्कृतिक उत्सव का अहम हिस्सा हुआ करती थीं। ‘भावांजलि’ के जरिए उसी परंपरा को फिर से याद करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। पीएलएफ का उद्देश्य कला, साहित्य और संस्कृति के माध्यम से शहर की समृद्ध विरासत को संरक्षित करना है।
आमंत्रण कार्ड से मिलेगा प्रवेश
आयोजकों के मुताबिक, बापू टावर में करीब 400 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। कार्यक्रम में प्रवेश निःशुल्क रहेगा, लेकिन इसके लिए आमंत्रण कार्ड अनिवार्य होगा। आमंत्रण कार्ड और कार्यक्रम से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए 99340 21693 पर संपर्क किया जा सकता है।