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Bihar: सड़क सुरक्षा को लेकर हुई बैठक, राहवीर योजना 2026 तक लागू, घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा सम्मान
Thu, 10 Jul 2025 06:18 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Thu, 10 Jul 2025 06:18 PM IST
सार
बिहार में सड़क सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई जिसमें ‘राहवीर योजना’ को 2026 तक लागू रखने की घोषणा की गई। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वालों को 25,000 रुपये तक का पुरस्कार मिलेगा।
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परिवहन मंत्री शीला कुमारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार में सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को मुख्य सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित की गई। परिवहन मंत्री शीला कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में राज्य के विभिन्न विभागों पथ निर्माण, परिवहन, ग्रामीण कार्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, गृह, नगर विकास एवं एनएचएआई द्वारा सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई।
बैठक में अपर मुख्य सचिव (परिवहन विभाग) मिहिर कुमार सिंह ने बताया कि सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वाले सजग नागरिकों को 'राहवीर योजना' के तहत 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह योजना केंद्र सरकार द्वारा 31 मार्च 2026 तक लागू की गई है। वर्तमान में राज्य में गुड सेमेरिटन को 10,000 रुपये और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा रहा है।
राहवीर योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगा ₹1 लाख का पुरस्कार
प्रत्येक वर्ष देशभर से चयनित 10 सर्वश्रेष्ठ राहवीरों को एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र और सम्मान समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय पर सहायता प्रदान करने के लिए नागरिकों को प्रोत्साहित करना है।
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परिवहन मंत्री का निर्देश: हर जीवन की कीमत, सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक की अध्यक्षता कर रहीं परिवहन मंत्री शीला कुमारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि हर जीवन की कीमत है और एक भी जान गंवाना अस्वीकार्य है।
यह भी पढ़ें: बिहार चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज, सम्राट चौधरी के बयान पर RJD का पलटवार
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बहुआयामी रणनीति
अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह ने बताया कि राज्य सरकार सड़क सुरक्षा के लिए बहुआयामी रणनीति पर कार्य कर रही है, जिसमें ब्लैक स्पॉट्स की पहचान, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, त्वरित एम्बुलेंस सेवा और जनजागरूकता प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा शिक्षा, वाहन चालकों का प्रशिक्षण, सीट बेल्ट और हेलमेट के उपयोग को भी सख्ती से लागू किया जाएगा।
बैठक में चर्चा किए गए प्रमुख बिंदु
बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक सुधांशु कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक सुधीर कुमार पोरिका, उत्पाद आयुक्त रजनीश कुमार, परिवहन विभाग के अधिकारी प्रवीण कुमार, कृत्यानंद रंजन, अरुण कुमारी एवं अर्चना कुमारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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बैठक में अपर मुख्य सचिव (परिवहन विभाग) मिहिर कुमार सिंह ने बताया कि सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वाले सजग नागरिकों को 'राहवीर योजना' के तहत 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह योजना केंद्र सरकार द्वारा 31 मार्च 2026 तक लागू की गई है। वर्तमान में राज्य में गुड सेमेरिटन को 10,000 रुपये और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा रहा है।
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राहवीर योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगा ₹1 लाख का पुरस्कार
प्रत्येक वर्ष देशभर से चयनित 10 सर्वश्रेष्ठ राहवीरों को एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र और सम्मान समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय पर सहायता प्रदान करने के लिए नागरिकों को प्रोत्साहित करना है।
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परिवहन मंत्री का निर्देश: हर जीवन की कीमत, सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक की अध्यक्षता कर रहीं परिवहन मंत्री शीला कुमारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि हर जीवन की कीमत है और एक भी जान गंवाना अस्वीकार्य है।
यह भी पढ़ें: बिहार चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज, सम्राट चौधरी के बयान पर RJD का पलटवार
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बहुआयामी रणनीति
अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह ने बताया कि राज्य सरकार सड़क सुरक्षा के लिए बहुआयामी रणनीति पर कार्य कर रही है, जिसमें ब्लैक स्पॉट्स की पहचान, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, त्वरित एम्बुलेंस सेवा और जनजागरूकता प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा शिक्षा, वाहन चालकों का प्रशिक्षण, सीट बेल्ट और हेलमेट के उपयोग को भी सख्ती से लागू किया जाएगा।
बैठक में चर्चा किए गए प्रमुख बिंदु
- राज्य में सड़क दुर्घटना के आंकड़ों की विस्तृत समीक्षा।
- दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा।
- ब्लैक स्पॉट्स की पहचान और त्वरित सुधार योजना।
- हेलमेट और सीट बेल्ट उपयोग पर जनजागरूकता अभियान।
- आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ बनाना।
- प्रमंडलीय मुख्यालयों में ट्रैफिक पार्क का निर्माण।
- आठ जिलों में महिलाओं के लिए समर्पित ड्राइविंग स्कूल की स्थापना।
- बीएसRTC बस स्टॉपों का जीर्णोद्धार।
- 15 जिलों में ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन का निर्माण।
बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक सुधांशु कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक सुधीर कुमार पोरिका, उत्पाद आयुक्त रजनीश कुमार, परिवहन विभाग के अधिकारी प्रवीण कुमार, कृत्यानंद रंजन, अरुण कुमारी एवं अर्चना कुमारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।