फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar Police released ineligible Police Sub Inspectors list, 454 black listed sub inspectors have to do this

Bihar Police : एक सूची से बिहार पुलिस में मचा हंगामा; 454 पुलिस अवर निरीक्षक काली सूची में, जानें अब क्या होगा

Thu, 21 Sep 2023 12:18 AM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण Updated Thu, 21 Sep 2023 12:18 AM IST
सार

Bihar News : बिहार पुलिस में 25 सितंबर तक दौड़ और जुगाड़-पैरवी की घुड़दौड़ रहेगी। बिहार पुलिस मुख्यालय की एक सूची में 454 पुलिस अवर निरीक्षकों का नाम है। यह एक काली सूची है, जिसमें आए सब इंस्पेक्टरों की नौकरी पर आफत है। जानें क्या होगा अब आगे।

विज्ञापन
Bihar Police released ineligible Police Sub Inspectors list, 454 black listed sub inspectors have to do this
बिहार पुलिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार पुलिस मुख्यालय के कार्मिक एवं कल्याण प्रभाग ने एक सूची जारी की है। यह सीधे शब्दों में काली सूची है। सूची में आए 454 पुलिस अवर निरीक्षकों की नौकरी पर आफत साफ-साफ दिख रही है। सूची बनाकर सभी महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग के अध्यक्ष, सभी क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक (रेल व इकाई सहित) और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस उपमहानिरीक्षक को भेजी गई है।

विज्ञापन


विवरण लंबित रखने वाले पुलिस अवर निरीक्षकों पर गिरी गाज 
पुलिस मुख्यालय ने पिछले दिनों पुलिस अवर निरीक्षकों को पुलिस निरीक्षक की कोटि में कार्यकारी प्रभार प्रदान किया था। इस क्रम में पुलिस कार्यालय से संबंधित कर्मियों पदाधिकारी की विस्तृत सेवा विवरणी मंगाई गई थी। इसी सेवा विवरणी की समीक्षा के क्रम में कार्यकारी प्रभार हेतु अयोग्य पाए गए या विवरण लंबित रखने वाले पुलिस अवर निरीक्षकों की सूची बनाई गई है।
विज्ञापन


किन आधारों पर लंबित की श्रेणी में रखा गया
जिन पुलिस अवर निरीक्षकों की सेवा संपुष्टि नहीं मिली या जिनकी सेवा विवरणी में तमाम सूचनाएं नहीं दी गई या सेवा विवरणी अस्पष्ट है या विभागीय कार्यवाही लंबित है या कोई न्यायिक वाद / कांड दर्ज है या वरीयता या अन्य
विज्ञापन
विज्ञापन

सूचनाएं विरोधाभासी हैं या कम से कम 5 साल का आलेखन नहीं है तो उन्हें लंबित की श्रेणी में रखा गया है।

निलंबन या सजा वाले अयोग्य घोषित
अवर निरीक्षकों की सेवा विवरणी की समीक्षा के क्रम में जिन्हें पुलिस निरीक्षक की कोटि में कार्यकारी प्रभार प्रदान करने के लिए अयोग्य घोषित किया गया, ऐसे 172 पुलिस अधिकारी सूची में है। आमतौर पर समीक्षा के क्रम में जिन्हें निलंबित पाया गया या कोई सजा दिए जाने की जानकारी प्राप्त हुई, उन्हें ही अयोग्य घोषित किया गया।

जानें, कहां कितने अयोग्य
अयोग्य घोषित पुलिस अवर निरीक्षकों की संख्या सर्वाधिक तिरहुत क्षेत्र मुजफ्फरपुर की है। तिरहुत क्षेत्र मुजफ्फरपुर में 32 सब इंस्पेक्टर अयोग्य घोषित किए गए। दूसरे नंबर पर सारण क्षेत्र छपरा है जहां 22 सब इंस्पेक्टर को अयोग्य घोषित किया गया। तीसरे नंबर पर केंद्रीय क्षेत्र पटना है, जहां 17 सब इंस्पेक्टर को अयोग्य घोषित किया गया। मगध क्षेत्र गया में 9, मिथिला क्षेत्र दरभंगा में 8, पूर्णिया क्षेत्र में 15, चंपारण क्षेत्र बेतिया में 16, शाहाबाद क्षेत्र डिहरी में 8, बेगूसराय क्षेत्र में 5, भागलपुर में 15, सहरसा कोशी क्षेत्र में 4, मुंगेर में 13, रेल क्षेत्र पटना में दो, विशेष शाखा में तीन आर्थिक अपराध इकाई में दो और बिहार पुलिस अकादमी में एक सब इंस्पेक्टर को अयोग्य घोषित किया गया है।

जो भी करना है, 25 तक रिपोर्ट सौंपी जाएगी
172 अयोग्य समेत कुल 454 पुलिस अवर निरीक्षकों की यह सूची है। इस सूची के साथ स्पष्ट किया गया है कि सभी वरीय अधिकारी अपने क्षेत्र अंतर्गत अयोग्य या लंबित किए गए पुलिस पदाधिकारी के मामलों की समीक्षा करते हुए लंबित के कारणों का निराकरण कर अद्यतन सेवा विवरणी 25 सितंबर 2023 तक बिहार पुलिस मुख्यालय को हार्ड और सॉफ्ट कॉपी में उपलब्ध करा दें। सेवा विवरणी पुलिस मुख्यालय की ओर से 2 अगस्त को प्रचलित विहित प्रपत्र में पुलिस मुख्यालय स्थित महानिदेशक नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराना है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिस पुलिस अवर निरीक्षक की सेवा विवरणी पहले किसी कारण से मुख्यालय को अगर उपलब्ध नहीं कराई गई हो तो ऐसी सभी मामलों को भी अब 25 सितंबर तक उपलब्ध कराया जाए ताकि आगे का निर्णय लिया जा सके।


अयोग्य घोषित अब क्या कर सकते हैं
पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय की ओर से 19 सितंबर 2023 को जारी इस सूची के सबसे अंत में यह भी लिखा गया है कि जिन अधिकारियों को अयोग्य घोषित किया गया है, उन्हें एक सप्ताह के अंदर इसकी सूचना देते हुए उनसे उनका पक्ष प्राप्त किया जाए। इस पक्ष को हासिल करने के बाद संबंधित पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उप महानिरीक्षक / पुलिस महानिरीक्षक के मंतव्य के साथ 31 अक्टूबर तक पुलिस मुख्यालय को अपडेट उपलब्ध करा दिया जाए। इसके बाद पुलिस मुख्यालय इसकी समीक्षा कर अंतिम फैसला लेगा।
     

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed