फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar Police constable Amita Bachchan martyred, mourning in Munger, police took revenge by Vaishali encounter

Amita Bacchan : लुटेरों के बीच कूदकर शहीद हुए बिहार पुलिस के जवान का नाम और काम चर्चा में था, अब गर्व और मातम

Mon, 16 Oct 2023 07:34 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण Updated Mon, 16 Oct 2023 07:34 PM IST
सार

Bihar Police : अमिता बच्चन नाम था सिपाही का। अमिताभ बच्चन की तरह हीरो वाला अंदाज। तभी तो चार हथियारबंद अपराधियों के बीच जवान कूद पड़ा। जान गंवा दी। मुंगेर में घर पर मातम है। वैशाली में पुलिस अमिता के दो हत्यारों को एनकाउंटर में ढेर कर चुकी है।

विज्ञापन
Bihar Police constable Amita Bachchan martyred, mourning in Munger, police took revenge by Vaishali encounter
जांबाज अमिता बच्चन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमिता बच्चन की शहादत की खबर सुनकर उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। अमिता बच्चन (32) मुंगेर जिला के हवेली खड़गपुर प्रखंड के शामपुर सहायक थाना क्षेत्र के बहिरा पंचायत अंतर्गत भदौरा गांव निवासी गणेश सिंह के पुत्र थे। इस दुखद घटना से पूरा गांव गमगीन है। पिता को छोड़कर पूरा परिवार वैशाली के लिए निकल गया है। 

विज्ञापन


पिता को नहीं है घटना की जानकारी 
अमिता बच्चन के ग्रामीण लक्ष्मण कुमार सिंह का कहना है कि परिवार में उनके पिता हैं जो काफी वृद्ध हैं। गांव का हर कोई इस घटना से अवगत है लेकिन अमिता बच्चन के पिता जी गणेश सिंह को किसी ने घटना की जानकारी नहीं दी है। वह अक्सर बीमार रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वह दिल के भी मरीज हैं है। गांव में आज हर तरफ सन्नाटा है। ऐसा लगता है कि जैसे हर घर ने आज अपना बेटा खोया है इसलिए पूरा गांव आज मातम मना रहा है।
विज्ञापन

 

Bihar Police constable Amita Bachchan martyred, mourning in Munger, police took revenge by Vaishali encounter
पूरा गांव अमिता बच्चन के दरवाजे पर है खड़ा लेकिन खामोश - फोटो : अमर उजाला

जानिए अमिता बच्चन से जुड़ी अन्य बातें 
अमिता की प्रारंभिक शिक्षा भदौरा गांव में हुई थी। फिर वृंदावन हाई स्कूल गालिमपुर से मैट्रिक और नरेन्द्र सिंह महाविद्यालय खड़गपुर से उन्होंने इंटर किया था। शहीद अमिता बच्चन वर्ष 2015 में बिहार पुलिस में नियुक्त हुए थे। नियुक्ति के दो साल बाद वर्ष 2017 को चुआबआग की कोमल को उन्होंने अपनी जीवन संगिनी बनाकर जीवन भर साथ देने का वायदा किया था। उनकी दो संतानें हैं- 5 वर्षीय पुत्र अर्णव तथा 3 वर्षीय पुत्री पुकी कुमारी। दो भाई और चार बहनों में एक थे अमिता बच्चन। उनकी सभी बहनों की शादी हो चुकी है। एक छोटा भाई है जो प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करता है।

गांव के लोगों को है उनपर गर्व 
ग्रामीणों का कहना है कि अमिता बच्चन सामान्य परिवार के थे लेकिन काफी मेहनती थे। उनके गांव का हर कोई आज कह रहा है कि अमिता ने कर्तव्य और साहस दिखाते हुए लूट कांड का विरोध करते हुए अपनी जान दे दी। हमलोगों को उनपर गर्व है लेकिन असमय अमिता के खोने का दर्द और दुःख भी है। ग्रामीणों के कहा कि कुछ दिन पहले ही वह छुट्टी में घर आये थे। वह काफी मिलनसार और हंसमुख थे। उनकी शहादत से आज पूरे गांव की आँखें नम हैं लेकिन उन आँखों में उनका मुस्कुराता चेहरा हमेशा तैरता रहेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed