बिहार: पटना मेडिकल कॉलेज में जिंदा मरीज को मृत घोषित कर दिया, डेथ सर्टिफिकेट भी किया जारी
- मरीज के परिजन बृज बिहारी ने बताया कि बाढ़ के रहने वाले चुन्नू कुमार को 9 अप्रैल को ब्रेन हेमरेज के बाद पटना के पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था
- जांच के बाद बताया गया कि मरीज कोरोना पॉजिटिव है
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बिहार के सबसे बडे़ अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल (पीएमसीएच) ने जिंदा आदमी को मृत घोषित कर दिया। इतना ही नहीं परिजनों को डेथ सर्टिफिकेट भी दे दिया गया।
मरीज के परिजन बृज बिहारी ने बताया कि बाढ़ के रहने वाले चुन्नू कुमार को 9 अप्रैल को ब्रेन हेमरेज के बाद पटना के पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था। जहां जांच के बाद बताया गया कि मरीज कोरोना पॉजिटिव है। उसके बाद मरीज से मिलने नहीं दिया गया।
बिहार के पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के अधिकारियों ने रविवार को एक जीवित कोविड-19 रोगी का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया। रोगी की पत्नी कविता देवी ने कहा, हमें सूचित किया गया था कि उनकी मृत्यु हो गई है। लेकिन जब मैंने श्मशान में उनका चेहरा देखा, तो मैंने पाया कि यह उनका शरीर नहीं था।
Bihar: Authorities at Patna Medical College & Hospital issued a death certificate of an alive COVID-19 patient yesterday.
— ANI (@ANI) April 11, 2021
Kavita Devi, wife of the patient, said, "We were informed that he had died. But when I saw his face at the crematorium, I found that it was not his body". pic.twitter.com/9tim8Q7gfS
रविवार की सुबह 10 बजे के करीब बताया गया कि मरीज की स्थिति खराब हो गई है। फिर एक घंटे बाद उन्हें मृत बताकर शव को पैक कर हमें सौंप दिया। अंतिम संस्कार के समय परिजनों ने मुखाग्नि देने के पहले चेहरा दिखाने का अनुरोध किया।
जब चेहरा देखा तब यह बात सामने आई कि जिस डेड बॉडी का अंतिम संस्कार चुन्नु के परिजन कर रहे हैं वह उनके मरीज का नहीं है। उसके बाद चुन्नू के परिजनों को पता चला कि चुन्नू अभी जिंदा है जिसका इलाज पीएमसीएच में चल रहा है। इस घटना के बाद पीएमसीएच के अधीक्षक डॉक्टर आईएस ठाकुर ने हेल्थ मैनेजर अंजली कुमारी को बर्खास्त कर दिया है।