हाजीपुर मंदिर विवाद, कोर्ट ने लगाई अस्थायी रोक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार के हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र के बगमली मोहल्ले में स्थित एक मंदिर को तोड़ने के आदेश पर पटना हाई कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दिया है। हालांकि, यह रोक अस्थायी तौर पर लगाई जो महज चार हफ्तों के लिए ही है।
गौरतलब है कि मंगलवार की रात कोर्ट के आदेश का पालन करने और बगमली में स्थित बासुदेव मंदिर को तोड़ने पहुंची पुलिस को जनता का भारी विरोध झेलना पड़ा था। वैशाली की डीएम रचना पाटिल और एसपी के अगुवाई में मंदिर तोड़ने पहुंचे पुलिस दल पर लोगों जमकर पथराव किए जिसके बाद उन्हें वहां से भागना पडा़।
आक्रोशित भीड़ के पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पथराव के बाद डीएम और एसपी को मौके भागना पड़ा। इसके बाद भीड़ ने मौके पर खड़ी एएसपी की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया।
कोर्ट ने लगाई फटकार
दरअसल पटना हाईकोर्ट ने वासुदेव मंदिर को तोड़ने का आदेश दिया था लेकिन उसका अनुपालन नहीं होने की वजह से कोर्ट ने वैशाली की डीएस रचना पाटिल को जमकर फटकार लगाई थी। जिसके बाद पिछले हफ्त ही पुलिस मंदिर को तोड़ने पहुंची थी लेकिन वो इसमें कामयाब नहीं हो पाए।
25 जनवरी को कोर्ट ने मंदिर तोड़ने में हो रही देरी की वजह से एक बार फिर डीएम को फटकार लगाई और बिहार के मुख्य सचिव समेत गृह सचिव और नगर विकास सचिव को कोर्ट ने बुधवार को तलब किया। फटकार के बाद मंगलवार की रात डीएम और एसपी पुलिस बल के साथ मंदिर तोड़ने पहुंचे थे।
फिलहाल, घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोग मंदिर के आस पास ही इकट्ठा हैं जिससे की पुलिस अचानक से उसे तोड़ने की कार्रवाई न कर सके।