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Bihar: औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन के लिए फिर सर्वेक्षण शुरू; परियोजना पूरी होने पर डेढ़ घंटे में पहुंच सकेंगे पटना
Tue, 22 Aug 2023 07:02 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Tue, 22 Aug 2023 07:02 PM IST
सार
Bihar news: रेलवे बोर्ड द्वारा औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन के नया लुक और कलेवर देने की योजना को नई बोतल में पुरानी शराब डालने और उसमें नया एसेंस मिलाकर परोसने जैसा ही माना जा रहा है। इससे पहले भारतीय रेलवे द्वारा औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन के लिए क्या-क्या किया गया...जानने के लिए विस्तार से पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
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रेलवे लाइन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारतीय रेलवे ने औरंगाबाद, अरवल और पटना (दक्षिणी ग्रामीण इलाके) के लोगों के लिए चिर प्रतीक्षित प्रस्तावित औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन परियोजना को नया लुक दिया। परियोजना के पूरे हो जाने पर औरंगाबाद से पटना जाने में चार घंटों की बजाय सिर्फ डेढ़ घंटा लगेगा। अब नए कलेवर में रेल लाइन परियोजना के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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नई बोतल में पुरानी शराब पर अलग एसेंस वाला हाल
रेलवे बोर्ड द्वारा औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन के नया लुक और कलेवर देने की योजना को नई बोतल में पुरानी शराब डालने और उसमें नया एसेंस मिलाकर परोसने जैसा ही माना जा रहा है। इस बारे में पूर्व मध्य रेल के हाजीपुर स्थित मुख्यालय के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) वीरेंद्र कुमार ने बताया कि भारतीय रेल ने प्रदेश की राजधानी पटना के बिहटा से औरंगाबाद के बीच सीधी रेल लाइन बिछाने की पूर्व की योजना के स्थान पर नई योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि नई औरंगाबाद-बिहटा प्रस्तावित रेल लाइन परियोजना के लिए सर्वे का काम भी शुरू कर दिया गया है। इसके तहत नया रेल ट्रैक बिछाने के लिए सुलभ मार्ग और संभाव्यता का भी पता लगाया जाएगा। यह भी पता लगाया जाएगा कि प्रस्तावित रूट के बीच कितने और कौन-कौन से गांव, शहर या कस्बें आएंगे। प्रस्तावित मार्ग पर कितनी संख्या और किन-किन स्थानों पर पुल-पुलियों का निर्माण कराने की जरूरत होगी। इसी के आधार पर प्रस्तावित रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी।
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अभी औरंगाबाद से पटना के सफर में लगते हैं चार घंटे
औरंगाबाद से पटना की दूरी वाया एनएच-139 करीब 150 किमी. है। इस दूरी को तय करने में चार घंटे लगते हैं। हालांकि पहले जब सड़क अच्छी नहीं थी और यह सड़क एनएच के रूप में अधिसूचित नहीं हुई थी। तब इस मार्ग से पटना का सफर तय करने में छः घंटे लगा करते थे।
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नई रेल लाइन बिछने से 90 मिनट में औरंगाबाद से पहुंचेंगे पटना
प्रस्तावित औरंगाबाद रेल लाइन इलाके में संभावनाओं के द्वार खोलने वाली परियोजना है। इससे इलाके में विकास की गति तेज होगी और पटना के सफर में लगने वाला समय भी कम होगा। नई रेल लाइन बिछने और इस पर ट्रेनों का परिचालन शुरू होने के बाद औरंगाबाद से पटना का सफर महज डेढ़ से दो घंटे में तय हो सकेगा।
तीन करोड़ की राशि से हो रहा नया सर्वे
पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ ने बताया कि प्रस्तावित औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन परियोजना के सर्वे के लिए रेलवे बोर्ड द्वारा तीन करोड़ की राशि आवंटित की गई है। साथ ही बोर्ड ने 120.77 किमी. लंबे औरंगाबाद-बिहटा औरंगाबाद रेल लाइन परियोजना के लिए पुनः नए सिरे से सर्वे करने का आदेश दिया था। सर्वे के बाद परियोजना का विस्तृत प्रतिवेदन यानी डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार किया जाएगा। उसके बाद परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए पहले हुआ सर्वे वर्तमान में व्यावहारिक नहीं रह गया था। इसी वजह से रेलवे बोर्ड परियोजना का नए सिरे से सर्वे करा रहा है।
4075 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान
औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन परियोजना 15 साल से अधिक समय पुरानी है। इस परियोजना का तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद ने 16 अक्टूबर 2007 को बिहटा के पास शिलान्यास भी किया था। उसके बाद से यह परियोजना अटकती, लटकती और भटकती रही है। पुरानी योजना के तहत पूर्व में मात्र 10 किमी. ही सर्वे का काम पूरा हुआ है। वर्तमान में इस परियोजना पर 4075 करोड़ की लागत आने की बात कही जा रही है।
वहीं, सीपीआरओ ने बताया कि नए रेल मार्ग पर 14 स्टेशन प्रस्तावित हैं। फिलहाल इस रेल परियोजना के लिए रेलवे बोर्ड ने 87 करोड़ रुपये आवंटित कर रखे हैं। नये सर्वे में रेल लाइन के मार्ग में नाम मात्र का बदलाव किया गया है। अब यह रेल लाइन बिहटा से न निकलकर बिहटा और कोइलवर के बीच से निकलेगी।
अरसे से लोगों को इंतजार
प्रस्तावित औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन परियोजना का धरातल पर उतरने का इलाके के लोग अरसे से इंतजार कर रहे हैं। शिलान्यास के बाद से इंतजार के 16 साल बीत चुके हैं। अभी और कितने साल बीतेंगे, यह भी फिलहाल कहना मुश्किल है।