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Bihar News : बिहार के जूते पहनकर यूक्रेन में लड़ रहे रुसी सैनिक, जानिए क्या है इन जूतों की खूबियां
Mon, 15 Jul 2024 09:03 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Mon, 15 Jul 2024 09:03 PM IST
सार
Bihar : रूस और यूक्रेन में चल रहे युद्ध के बीच अब बिहार चर्चा में है। यह चर्चा बिहार की जनता और युवकों के साथ-साथ महिलाओं के लिए एक अच्छा संदेश है।
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वैशाली के कारखाने में बन रहे हैं विशेष प्रकार के जूते।
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
युक्रेन और रूस का युद्ध 2022 से अब तक लगातार जारी है। इस युद्ध की चर्चा अब बिहार में हो रही है। इसकी मुख्य वजह यह है कि रुसी सैनिक जिस जूते को पहनकर युद्ध कर रहे हैं वह बिहार से बनकर उनतक पहुंचता है। फिलहाल इस बात की चर्चा काफी जोर-शोर से चल रही है। रुसी सैनिकों के लिए बने ख़ास जूते बिहार की राजधानी पटना से सटे वैशाली जिले में बनाये जाते हैं, जिस जूता का उपयोग रूसी सैनिक यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई के मैदान में इस्तेमाल कर रहे हैं।
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बहुत जल्द स्थानीय बाजारों में भी उपलब्ध होंगे
हाजीपुर मुख्य रूप से वर्षों से केला के लिए मशहूर है। लेकिन अब यहां रूसी सैनिक के लिए जूते का निर्माण हो रहा है, जिसे हाजीपुर में एक निजी लिमिटेड कंपनी बना रही है। इस संबंध में कंपनी के महाप्रबंधक का कहना है कि इस कंपनी को 2018 में स्थानीय लोगों के रोजगार के लिए खोला गया था। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह जूते रूसी सैनिकों के लिए बनाये जा रहे हैं, लेकिन बहुत जल्द यहां के स्थानीय बाजार में भी यह जूते दिखने लगेंगे।
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जानिए क्या है इन जूतों की खासियत
कंपनी के महाप्रबंधक ने बताया कि रूसी सेना की सुरक्षा के लिए तैयार किया जाने वाले इन जूतों की बहुत खासियत है। उन्होंने बताया कि उनके लिए यह जरुरी है कि जूते हल्के हों। साथ ही वह जूते फिसलन को रोक सकें। तलवे को सुरक्खाषित रख सकें और सबसे ज्यादा जरुरत इस बात की है कि -40 डिग्री सेल्सियस जैसे मौसम में उनके पैर सुरक्षित रह सकें। यानी उन जूतों की वजह से वह हर तरह की स्थिति का सामना करने वाले हों इन सभी बातों का ध्यान रखकर जूते का निर्माण कराया जाता है।
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विदेशों तक होंगे निर्यात
कंपनी के महाप्रबंधक ने बताया कि सबसे अच्छी बात यह है कि यहां बनाये गये जूते अब यूरोप भी भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता की बात करें तो कंपनी का रिस्पांस अच्छा है और रूस के निर्माता में एक नंबर स्थान भी है। इस पूरे कंपनी में 300 कर्मचारी काम करते हैं, जिसमें 70% कर्मचारी महिलाएं हैं। पिछले साल कंपनी ने 100 करोड़ का धंधा किया था, जिसमें 1.5 मिलियन जोड़ी जूतों का निर्माण किया गया था। हाजीपुर की यह कंपनी यूरोपीय बाजारों जैसे इटली, फ्रांस, स्पेन और यूके को लक्जरी डिजाइनर या फैशन जूते भी निर्यात करती है। कंपनी के फैशन विकास और विपणन प्रमुख ने कहा कि हमारा उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के लिए हाई कटेगरी के जूते तैयार करना है। हमने हाल ही में एक बेल्जियम कंपनी के साथ बातचीत शुरू की है और अगले कुछ महीनों में कुछ कंपनियां हमारे कारखाने का दौरा करेंगी। उन्होंने कहा कि हाजीपुर में फैशन उद्योग शुरू करना एक चुनौती पूर्ण कार्य है।