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Hindi News ›   Bihar ›   Bihar News: PM Modi Central cabinet decision on kosi-mechi link project again after 2024-25 budget allocation

Bihar: कोसी-मेची प्रोजेक्ट को आखिर कितनी बार स्वीकृति? जमीन पर काम नहीं, बिहार चुनाव से पहले फिर वही खबर आई

सार

Kosi-Mechi Link Project : बिहार का चुनावी साल है। बिहार चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने कोसी-मेची लिंक प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी है। चौंकाने वाली बात यह कि लोकसभा चुनाव से पहले भी इस योजना को हरी झंडी दी गई थी। 

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Bihar News: PM Modi Central cabinet decision on kosi-mechi link project again after 2024-25 budget allocation
कोसी-मेची लिंक प्रोजेक्ट सीएम नीतीश कुमार के जल संसाधन मंत्रियों के लिए हमेशा से विषय रहा है। - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

सामान्य ज्ञान की किताबों में दशकों से सवाल पूछा जाता है- बिहार का शोक किसे कहा जाता है? शायद ही कोई परीक्षार्थी इसका जवाब- 'कोसी नदी' नहीं जानता होगा। नेपाल के बरसाती नदियों की बाढ़ कोसी के रास्ते बिहार में लगभग हर साल त्रासदी मचाती है। कितने लोग बह जाते हैं और कितने बेघर हो जाता हैं, हर साल इसका हिसाब बनता है। बाढ़ राहत के नाम पर इतना खर्च होता है कि करोड़ों के घोटाले तक हो चुके। लेकिन, अब भी कोसी की बाढ़ के नाम पर 'स्वीकृति घोटाला' ही हो रहा है। शुक्रवार 28 मार्च 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले जारी किए गए तो उसमें बताया गया कि बिहार की कोसी मेची अंतर-राज्यीय लिंक परियोजना को जल शक्ति मंत्रालय की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना/त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (पीएमकेएसवाई-एआईबीपी) के अंतर्गत शामिल करने को मंजूरी दी गई है। सवाल है कि आखिर एक ही प्रोजेक्ट की मंजूरी अलग-अलग नाम से कितनी बार देंगे? जमीन पर काम नहीं हो रहा, मंजूरी भले कई बार दी जा चुकी है। 

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कोसी-मेची प्रोजेक्ट की 'मंजूरी का इतिहास' चार साल पुराना
04 अगस्त 2019

तब डबल इंजन सरकार थी, मतलब केंद्र में भाजपा का नेतृत्व और बिहार में जदयू का। इस तारीख को बिहार के तत्कालीन जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने बताया था कि केंद्र ने राज्य की कोसी-मेची नदी को जोड़ने के लिए 4900 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है। मध्य प्रदेश की केन-बेतवा के बाद देश में नदियों को आपस में जोड़ने वाली यह दूसरी बड़ी परियोजना है, जिसे मंजूरी मिली है। पढ़ें, उस तारीख की यह खबर- बिहार: केंद्र ने 4900 करोड़ की कोसी-मेची नदी जोड़ परियोजना को दी मंजूरी
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23 जुलाई 2024
लोकसभा चुनाव का यह साल था। चुनाव से पहले मोदी 3.0 की सरकार ने केंद्रीय बजट में विशेष प्रावधान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट कहा कि बिहार में लोगों को हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ती है और केंद्र सरकार इसपर गंभीर है। बिहारवासियों को बाढ़ से राहत के लिए 11500 करोड़ रुपये की परियोजनाएं दी गई हैं। कोसी-मेची अंतर-राज्य लिंक परियोजना समेत 20 परियोजनाओं के लिए यह रुपये खर्च होंगे। पढ़ें, उस तारीख की यह खबर- Flood Relief : मोदी सरकार ने बाढ़ से राहत के लिए...
28 मार्च 2025 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने कोसी मेची अंतर-राज्यीय लिंक परियोजना को जल शक्ति मंत्रालय की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना/त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (पीएमकेएसवाई-एआईबीपी) के अंतर्गत शामिल करने को मंजूरी दी। समिति ने 6,282.32 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना को मार्च 2029 तक पूरा करने के लिए बिहार को 3,652.56 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता को भी स्वीकृति दी। पढ़े, आज की यह खबर- DA Hike: केंद्रीय कर्मचारियों को तोहफा, कैबिनेट...

कागज पर क्या हो रहा, यह भी जानने लायक बात है
अगस्त 2019 में परियोजना की मंजूरी के एलान और जुलाई 2024 में बजट प्रावधान की घोषणा के बावजूद कोसी-मेची प्रोजेक्ट को लेकर जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। इसकी गवाही बिहार की डबल इंजन सरकार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने 19 दिसंबर 2024 को दिल्ली में जाकर दे दी। नई दिल्ली में राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (NWDA) की 38वीं वार्षिक सामान्य बैठक और नदियों के अंतरयोजन पर बनी विशेष समिति की 22वीं बैठक के दौरान उन्होंने बिहार की नदी जोड़ परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान करने की मांग की। उन्होंने कोसी-मेची लिंक परियोजना के डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के NDWA में लंबित होने की जानकारी देते हुए इस काम को अतिशीघ्र पूरा कराने की मांग की। वैसे, कोसी-मेची लिंक प्रोजेक्ट बिहार के भूतपूर्व जल संसाधन मंत्री और इस समय केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में पंचायती राज कल्याण मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का सबसे पुराना मुद्दा रहा है। जब-जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा नहीं रही, उन्होंने इसपर कड़ा रुख अपनाया। बिहार के पूर्व जल संसाधन मंत्री संजय झा का क्षेत्र खुद बाढ़ प्रभावित रहा है और वह भी इस मुद्दे पर तब-तब मुखर रहे हैं, जब केंद्र सरकार में जदयू की हिस्सेदारी नहीं थी। खास बात यह कि जब-जब जदयू केंद्र सरकार के साथ रहा, संजय झा ने कोसी-मेची प्रोजेक्ट को लेकर प्रगति की जानकारी सबसे पहले दी। हालांकि, जमीन पर कोसी-मेची प्रोजेक्ट का कोई काम नहीं होने के कारण बाढ़ की दिशा बदलने का सपना ही लोग देख रहे हैं।



कोसी-मेची प्रोजेक्ट के बारे में सबकुछ जान लें अब
पिछले साल जब बाढ़ का तांडव शुरू हुआ तो बिहार की नदी-बाढ़ के इनसाइक्लोपीडिया कहे जाने वाले जल विशेषज्ञ दिनेश मिश्र ने 'अमर उजाला' से कुसहा तांडव से लेकर केंद्र और बिहार सरकार के कोसी-मेची लिंक प्रोजेक्ट तक पर जानकारी साझा की थी। इस बार जब केंद्रीय कैबिनेट की खबर आई तो हमने उनसे फिर संपर्क किया, लेकिन वह दिल्ली के ही एक अस्पताल में भर्ती हैं। ऐसे में उनकी बताई पुरानी बातें हम साझा कर रहे हैं, क्योंकि वही बात आज भी कायम है- 
"केंद्र सरकार 2004 से ही नदी जोड़ योजना पर गंभीरतापूर्वक विचार शुरू कर चुकी थी, लेकिन बिहार सरकार ने इस पर पहल 2006 में की। इसी के साथ इस लिंक पर केंद्र से विचार करने के लिए अनुरोध किया गया। इस लिंक नहर के निर्माण से कोसी-मेची क्षेत्र में कृषि का विकास होगा। नेशनल वाटर डेवलपमेंट अथॉरिटी ने 2010 में इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बिहार सरकार को दी, जो अंतिम रूप में केन्द्रीय जल आयोग की नियमावली के पालन का ख्याल रखते हुए सुधार के बाद वापस मिली। उसी के बाद से इस योजना के क्रियान्वयन पर गंभीरतापूर्वक विचार शुरू हुआ और अब इसे स्वीकृति मिल गई है। केंद्र की मौजूदा सरकार से धन मिलने का रास्ता भी खुल गया है। इस परियोजना के निर्माण से बाढ़ नियंत्रण के साथ-साथ कोसी-मेची के दोआब में 2.15 लाख हेक्टेयर क्षेत्र पर अतिरिक्त सिंचाई होने लगेगी। इस लिंक के निर्माण के बाद अररिया (69 हजार हेक्टेयर), किशनगंज (39 हजार हेक्टेयर), पूर्णिया (69 हजार हेक्टेयर) और कटिहार (35 हजार हेक्टेयर) जिलों में अतिरिक्त सिंचाई मिलने लगेगी और इसी से बाढ़ की समस्या के हल होने का सपना भी देखा जाने लगा है। इस योजना के क्रियान्वयन से कृषि उपज में वृद्धि होने की आशा व्यक्त की जा रही है और रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।" पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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