Bihar News : लालू प्रसाद से मुलाकात के सवाल पर भड़के पशुपति पारस, पूछा- उनसे मिलना कोई अपराध है?
Bihar : राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद के मुलाकात के सवाल पशुपति पारस अचानक भड़क गये। कहने लगे कि उनके पास जाना कोई अपराध है क्या? उनसे हमलोगों का पुराना नाता है। फिर एक सवाल पर कोई जवाब तो नहीं दिया, बस मुस्कुराते हुए चालक को कहा- चलिए।
विस्तार
राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद से मुलाकात के सवाल पर अचानक भड़क गये। उन्होंने पत्रकारों से ही पूछा कि उनके पास जाना कोई अपराध है क्या? पूर्व केंद्रीय पशुपति कुमार पारस और उनके भतीजा प्रिंस राज हाजीपुर के दिवंगत विधान परिषद सदस्य विशुनदेव राय के श्राद्धकर्म में शामिल होने पहुंचे थे। जब वह जाने लगे तब पत्रकारों ने उसने लालू प्रसाद यादव से मुलाकात को लेकर सवाल किया तब उन्होंने भड़कते हुए कहा कि उनके पास जाना कोई अपराध है क्या? उन्होंने कहा कि लालू जी उनके अभिभावक रहे हैं और उनसे मिलने में कोई अपराध या गलत बात नहीं है। पशुपति पारस ने बताया कि वह राबड़ी आवास पर लालू यादव से मिलने गए थे। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब NDA में उनकी नाराजगी की खबरें सामने आ रही थीं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक सामान्य मुलाकात थी और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
इन संबंध को बनाये रखना चाहते हैं
राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। कुछ लोगों का मानना था कि एनडीए से नाराज होकर पारस राजद के करीब जा रहे हैं। लेकिन पारस ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत संबंध अलग होते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि लालू यादव से उनके पुराने और पारिवारिक संबंध हैं, जिन्हें वह बनाए रखना चाहते हैं।
विधान सभा के लिए जमीन तलाश रहे पारस
लोक सभा चुनाव में चाचा पशुपति कुमार पारस और भतीजा चिराग पासवान के बीच हाजीपुर सीट को लेकर चल लंबे वक्त तक लड़ाई और चाचा-भतीजा की बगावती तेवर के बीच चिराग पासवान के जनाधार को देखते हुए एनडीए ने पशुपति पारस को गंठबंधन से दरकिनार कर दिया और पशुपति कुमार पारस के ही नहीं बल्कि इनके और चार सांसदों के टिकट भी काट लिए। इसके बाद पशुपति कुमार पारस अपने भतीजा प्रिंस राज और बेटे यश राज के साथ पॉलिटिकल जमीन तलाशने लगे हैं। हालांकि की पशुपति कुमार पारस ने कहा कि राजनीतिक संभावनाओं से चलती है। पार्टी के शीर्ष नेताओं द्वारा जो निर्णय लिया जाएगा वह किया जाएगा।