Bihar News : ऑपरेशन सिंदूर पर एमएस बिट्टा का बड़ा बयान, कहा- आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक रुख अपनाने की जरूरत
Bihar : राष्ट्रपति आतंकियों की मौत पर उनके जनाजे में गुलदस्ता भेजते हैं, जो उनके असली चेहरे को बेनकाब करता है। आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में अमेरिका, रूस सहित कई अंतरराष्ट्रीय शक्तियां भारत के साथ खड़ी हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ऑल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट (AIATF) के अध्यक्ष एमएस बिट्टा रविवार को मधेपुरा जिले के आलमनगर प्रखंड स्थित खुरहान गांव में आयोजित खेल महोत्सव में शामिल हुए। जहां उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर बड़ा बयान देते हुए आतंकवाद के खिलाफ देश की एकजुटता की आवश्यकता पर जोर दिया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को अब आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक रुख अपनाने की जरूरत है और सभी को परिपक्व राजनेताओं की तरह सोचते हुए राष्ट्रहित में एकजुट होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़ा कोई भी बयान देने से पहले नेताओं को पचास बार सोचना चाहिए क्योंकि जब देश सर्वोपरि होता है। हर मतभेद को भुलाकर एकजुट होना ही सच्ची देशभक्ति मानी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि हर भारतीय को अपनी पहली पहचान भारतीय के रूप में स्वीकार करनी होगी और यदि जान भी जाए तो जाए, लेकिन वतन की शान नहीं जानी चाहिए।
यह खबर भी पढ़ें -Bihar Election 2025: कहां से विधायक हैं लालू परिवार से बाहर किए गए बड़े बेटे तेज प्रताप यादव? पसंदीदा सीट नहीं
पहलगाम हमला कायरता का पराकाष्ठा
बिट्टा ने हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि मां के सामने बेटे को और पत्नी के सामने पति को छीन लेना कायरता की पराकाष्ठा है। भारत ऐसा देश है जो आम मानवता में विश्वास रखता है तथा निर्दोषों के कत्लेआम का विरोध करता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत आतंकवाद के समूल नाश के लिए संकल्पित है, इसलिए कुछ कार्रवाइयों में समय लग रहा है, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर तब तक जारी रहेगा जब तक आतंकवाद का नामोनिशान मिट नहीं जाता।
पाकिस्तान का असली चेहरा बेनकाब
पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए बिट्टा ने कहा कि वहां के राष्ट्रपति आतंकियों की मौत पर उनके जनाजे में गुलदस्ता भेजते हैं, जो उनके असली चेहरे को बेनकाब करता है। उन्होंने बताया कि आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में अमेरिका, रूस सहित कई अंतरराष्ट्रीय शक्तियां भारत के साथ खड़ी हैं। आज आवश्यकता इस बात की है कि हर भारतीय इजराइल की तरह सतर्क, संगठित और राष्ट्र के प्रति समर्पित बनकर इस लड़ाई को मजबूती दे। गौरतलब है कि एमएस बिट्टा 1992 में हुए बम धमाके में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखे हुए हैं। आज भी पूरे देश में अपनी स्पष्ट, साहसी और राष्ट्रवादी सोच के लिए पहचाने जाते हैं।
यह खबर भी पढ़ें-Tejashwi Yadav: तेज प्रताप को लेकर बोले छोटे भाई तेजस्वी यादव- 'यह बातें अच्छी नहीं और न बर्दाश्त करता हूं'