Bihar : भोजपुर पहुंचा SSB जवान का पार्थिव शरीर; हत्या के विरोध में हंगामा, परिजन बोले- शहीद का दर्जा दें
Seema Suraksha Bal : अरुणाचल प्रदेश के SSB मेस में खाने के दौरान विवाद के बाद साथी जवान के खंजर से जान गंवाने वाले भोजपुर के जवान राकेश यादव को शहीद का दर्जा देने, परिवार को जीवनयापन के लिए पेट्रोल पंप देने और हत्यारे को फांसी देने की मांग तेज।
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SSB जवान राकेश यादव (32) का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह भोजपुर लाया गया। SSB की यूनिट पार्थिव शरीर लेकर राकेश यादव के पैतृक गांव पदमिनिया जा ही रही थी कि सरैया बाजार के पास परिजन और ग्रामीणों की भीड़ लग गई। देखते ही देखते लोग आक्रोशित हो गए और हत्या के विरोध में नारेबाजी करने लगे। वो SSB के अधिकारी पर FIR दर्ज करने और CBI जांच की मांग कर रहे थे। लोगों के विरोध के कारण सरैया बाजार करीब एक घंटे तक जाम रहा। मृत जवान के भाई वीरेंद्र यादव ने कहा, "पुलिस हत्यारे को फांसी की सजा दिलाए। मेरे भाई को SSB यूनिट शहीद का दर्जा नहीं दे रही। उसे शहीद का दर्जा देते हुए उसके परिवार के जीवनयापन हेतु पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी का लाइसेंस दिया जाए।"
ASP बोले- हत्यारोपी जवान अरेस्ट हो चुका है
इधर, सूचना मिलते ही पुलिस ASP हिमांशु दल-बल के साथ सरैया बाजार पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर शांत करवाया। ASP हिमांशु ने SSB की यूनिट से बातचीत की। इसके बाद लोगों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। कुछ देर बाद लोग मान गए और सड़क से हट गए। मामले में ASP हिमांशु ने कहा कि यूनिट में हमारी बात हुई है। हत्यारोपी जवान अरेस्ट हो चुका है। उसपर IPC की धारा 302 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। अन्य जो मांगे हैं, उसे स्थानीय पुलिस के माध्यम से SSB तक पहुंचा दिया जाएगा।
परिजनों का कहना है कि 16 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश के शेरेगाव में राकेश यादव की धारदार हथियार से वारकर हत्या कर दी गई थी। सहयोगियों से बातचीत के बाद पता चला कि मेस में खाने को लेकर हुए विवाद में साथी जवान ने ही खंजर से राकेश यादव की हत्या कर दी थी। राकेश के शरीर पर जख्मों के निशान पाए गए हैं। परिजनों ने बताया कि राकेश 2011 में SSB में चयनित हुआ था। अरुणाचल प्रदेश के शेरेगाव में स्थित SSB की यूनिट में वह मेस इंचार्ज था। नौकरी लगने के 2 साल बाद यानी 2013 में राकेश कुमार यादव की शादी भोजपुर के गंगहर पंचायत के कौशिक दुलारपुर गांव की कुमारी रानी से हुई थी। राकेश अपने पीछे अपने चार साल का पुत्र प्रियांशु और पत्नी को छोड़ गए। परिजनों का आरोप है कि राकेश यादव मेस में ही अररिया जिले के किसी साथी जवान से वाद-विवाद हुआ था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि साथी जवान ने राकेश कुमार यादव पर जानलेवा हमला कर दिया। देखते ही देखते राकेश गंभीर रूप से घायल हो गया। सहकर्मी अस्पताल ले गए लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कोई भी बता स्पष्ट नहीं बता रहे SSB के अधिकारी
इधर, राकेश यादव के भाई जितेंद्र यादव ने बताया कि इस मामले में SSB के अधिकारी स्पष्ट बात नहीं कर रहे। और ना ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट दे रहे। हत्या में कौन कौन जवान शामिल हैं ये भी नहीं बता रहे। हमलोगों की मांग है कि किसी जांच एजेंसी से इस केस की निष्पक्ष जांच कराई जाये। साथ ही जिस जवान ने हत्या की है, उसको डिसमिस कर फांसी की सजा दिलवाई जाए।