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Bihar News: लखीसराय में महादलितों का हल्ला बोल, रोड नहीं तो वोट नहीं की चेतावनी
Mon, 07 Jul 2025 05:12 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,लखीसराय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,लखीसराय
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Mon, 07 Jul 2025 05:12 PM IST
सार
लखीसराय जिले के नेमदारगंज गांव के महादलित समुदाय ने वर्षों से सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहने के खिलाफ सोमवार को समाहरणालय में जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक गांव में पक्की सड़क नहीं बनेगी, वे वोट नहीं देंगे।
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लखीसराय में सड़क के लिए आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लखीसराय जिले के नेमदारगंज गांव के सैकड़ों महादलित पुरुषों और महिलाओं ने सोमवार को सड़क निर्माण समेत बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर समाहरणालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां और नारों के साथ प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और स्पष्ट संदेश दिया— "रोड नहीं तो वोट नहीं"।
नेमदारगंज गांव की आबादी करीब तीन हजार है, जिसमें अधिकांश लोग महादलित और अति पिछड़ा वर्ग से आते हैं। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से वे सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सबसे गंभीर समस्या सड़क की है, जिससे गांव तक पहुंचना और मरीजों को अस्पताल ले जाना बेहद मुश्किल हो गया है। खासकर बारिश के मौसम में पूरा गांव चारों ओर से जलमग्न होकर टापू में तब्दील हो जाता है।
पंच रवि कुमार ने बताया कि कई बार प्रशासन से पक्की सड़क बनाने की मांग की गई है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण महिलाओं सुहागी देवी और किरण देवी ने कहा कि बरसात में बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। अशोक राम ने कहा कि अब गांव के लोग जागरूक हो गए हैं और जब तक सड़क नहीं बनेगी, वे वोट नहीं देंगे।
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यह भी पढ़ें: चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया गठबंधन ने खोला मोर्चा, तेजस्वी यादव बोले- विरोध में चक्का जाम करेंगे
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द से जल्द पक्की सड़क निर्माण की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों की यह एकजुटता उनकी समस्याओं की गंभीरता को उजागर करती है और यह भी दर्शाती है कि अब वे अपने अधिकारों के लिए सजग, जागरूक और संगठित हो चुके हैं। अब सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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नेमदारगंज गांव की आबादी करीब तीन हजार है, जिसमें अधिकांश लोग महादलित और अति पिछड़ा वर्ग से आते हैं। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से वे सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सबसे गंभीर समस्या सड़क की है, जिससे गांव तक पहुंचना और मरीजों को अस्पताल ले जाना बेहद मुश्किल हो गया है। खासकर बारिश के मौसम में पूरा गांव चारों ओर से जलमग्न होकर टापू में तब्दील हो जाता है।
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पंच रवि कुमार ने बताया कि कई बार प्रशासन से पक्की सड़क बनाने की मांग की गई है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण महिलाओं सुहागी देवी और किरण देवी ने कहा कि बरसात में बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है। अशोक राम ने कहा कि अब गांव के लोग जागरूक हो गए हैं और जब तक सड़क नहीं बनेगी, वे वोट नहीं देंगे।
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प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द से जल्द पक्की सड़क निर्माण की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों की यह एकजुटता उनकी समस्याओं की गंभीरता को उजागर करती है और यह भी दर्शाती है कि अब वे अपने अधिकारों के लिए सजग, जागरूक और संगठित हो चुके हैं। अब सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।