{"_id":"670fc332650ff17d4c04ad1a","slug":"bihar-news-how-death-declared-person-found-alive-in-sitamardhi-after-bihar-police-investigation-postmartem-2024-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar Police : मौत के बाद पुलिस पोस्टमार्टम तक कराने भेज चुकी थी! जिंदा मिला वही शख्स; जानिए कहां-कैसे हुआ यह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar Police : मौत के बाद पुलिस पोस्टमार्टम तक कराने भेज चुकी थी! जिंदा मिला वही शख्स; जानिए कहां-कैसे हुआ यह
Wed, 16 Oct 2024 07:14 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Wed, 16 Oct 2024 07:14 PM IST
सार
Bihar News : वर्षों बाद किसी मृत घाेषित आदमी के जिंदा आने की खबरें आपने पढ़ी होगी, लेकिन यहां कुछ अलग हो गया। एक शख्स की मौत और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की घोषणा खुद पुलिस ने की। फिर पुलिस ने ही सामने आकर बताया कि वह तो मरा नहीं, गायब हो गया था।
विज्ञापन
पुलिस पदाधिकारी के दो अलग-अलग बयानों से पुलिस विभाग की हो रही किरकिरी
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
सीतामढ़ी पुलिस का बड़ा कारनामा उजागर हुआ है। एक मामले में पहले मौत की पुष्टि कर दी गई। यहां तक कि बिना शव देखे कह दिया गया कि शव को पोस्टमार्टम में भेजा जा रहा है। जिस अधिकारी के द्वारा यह बयान दिया गया अब फिर वही कह रहे है कि मृतक भगत मांझी मरा नहीं, जिंदा है। बिना शव देखे और बिना पंचनामा के ही शव को पोस्टमार्टम में भेजने की बात कहने वाले बड़े अधिकारी अब कह रहे लोगों की यह अफवाह फैलाने के कारण मौत की पुष्टि कर दी गई थी। सदर एसडीपीओ के दो-दो बयान से जिले की पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में खड़ी कर रही है। अब इसे वरीय अधिकारी की भूल है या सीतामढ़ी पुलिस की है बड़ी लापरवाही कहा जा सकता है।
विज्ञापन
ऐसे उलझा मामला
सीतामढ़ी के ढेंग गांव में विसर्जन के दौरान झड़प में घायल एक पक्ष का भगत मांझी सोमवार को एसकेएमसीएच की आर्थो ओपीडी में इलाज के बाद गायब हो गया। उसे सीतामढ़ी सदर अस्पताल से रेफर किया गया था। इधर, सोशल मीडिया पर उसकी मौत की सूचना के बाद कई रिश्तेदार शव लेने के लिए मंगलवार शाम एसकेएमसीएच पहुंचे। जब मेडिकल ओपी पुलिस से लोगों ने संपर्क किया तो जानकारी मिली कि भगत माझी का आर्थो ओपीडी में इलाज हुआ था। एसकेएमसीएच थानेदार गौतम कुमार ने बताया कि भगत मांझी की मौत मेडिकल में नहीं हुई है। पुलिस की खोजबीन में उसका पता नहीं चल सका है। पुलिस ने सीसीटीवी खंगाला है।
विज्ञापन
गांव में है तनाव की स्थिति
दरअसल, सुप्पी के ढ़ेंग में प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो पक्षों के बीच हुए मारपीट के बाद से ही तनाव की स्थिति बनी हुई है। दोनों पक्ष से एक-एक की मौत हुई है, जिसमें से एक पक्ष के मृतक के पत्नी के बयान पर केस दर्ज किया गया है। वहीं दूसरे पक्ष के मृतक के परिजन का बयान अबतक पुलिस को नहीं मिला है। उधर, मंगलवार को एसडीओ सदर संजीव कुमार, एसडीपीओ सदर रामकृष्ण ने पुलिस जवानों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होने इस घटना मे संलिप्त आरोपितों को शीघ्र ही गिरफ्तारी करने का आश्वासन मृतक के परिजनों को दिया। डीएसपी ने ढ़ेंग गांव की स्थिति सामान्य होने तक यहां पुलिस का शिविर रखने का निर्देश थानाध्यक्ष को दिया है।
विज्ञापन
मृतक की पत्नी ने थाना में मामला दर्ज कराया
ढ़ेंग गांव में मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई मारपीट की धटना मे मृत कलेवर सहनी की पत्नी पार्वती देवी के लिखित आवेदन पर मंगलवार को सुप्पी थाना मे हत्या की एफआईआर दर्ज की गयी है, जिसमें ढ़ेंग गांव के 21 लोगों को नामजद एवं 40-50 अज्ञात लोगों को आरोपित किया गया है। थानाध्यक्ष विष्णु देव कुमार ने बताया कि एसडीपीओ सदर द्वारा आरोपितों के सत्यापन करने के बाद बुधवार को उन्हें न्यायिक हिरासत में सीतामढ़ी भेजा जायेगा।