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Bihar news : इस अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने अस्पताल में लगाया ताला, ओपीडी और इमरजेंसी सेवा को किया ठप
Thu, 10 Aug 2023 12:57 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Thu, 10 Aug 2023 12:57 PM IST
सार
Bihar news : वैशाली सदर अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों ने हड़ताल कर दिया है । हड़ताल के दौरान ओपीडी और इमरजेंसी को भी बंद कर दिया गया है। स्वास्थ्यकर्मी अस्पताल परिसर में पुलिस पिकेट बनाने की मांग कर रहे हैं।
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धरना प्रदर्शन करते स्वास्थ्यकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वैशाली सदर अस्पताल में गुरूवार की सुबह से मेन गेट पर ताला मार कर स्वास्थ्यकर्मियों ने हड़ताल कर दिया है। सभी स्वास्थ्यकर्मी सदर अस्पताल के मेन गेट पर बैठ कर काम को ठप कर दिया है। उनके इस हड़ताल से इमरजेंसी और ओपीडी सेवा भी बाधित हो गई है।
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अस्पतालकर्मियों ने मेनगेट में लगाया ताला
- फोटो : अमर उजाला
यह है मामला
बीती देर रात सदर थाना क्षेत्र के चकनुर में सड़क दुघर्टना में दिनेश राय के पुत्र बिहारी कुमार की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि सदर अस्पताल में चिकित्सकों और अस्पतालकर्मियों की लापरवाही से उसकी मौत हो गई। इसी वजह से आक्रोशित होकर परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल में जमकर उपद्रव मचाया। जोरदार हंगामा और तोड़फोड़ की गई थी। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रखे दवाओं को भी फेंक दिया । इस दौरान कुछ कर्मियों के साथ बदसलूकी भी की गई थी। आक्रोशित लोगों ने कुछ स्टाफ के साथ मारपीट भी की, हालांकि उस बिगड़ते हालात में कर्मियों ने सदर अस्पताल से भाग कर किसी तरह अपनी जान बचाई। इसके बाद सदर अस्पताल में भारी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई थी।
बीती देर रात सदर थाना क्षेत्र के चकनुर में सड़क दुघर्टना में दिनेश राय के पुत्र बिहारी कुमार की मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि सदर अस्पताल में चिकित्सकों और अस्पतालकर्मियों की लापरवाही से उसकी मौत हो गई। इसी वजह से आक्रोशित होकर परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल में जमकर उपद्रव मचाया। जोरदार हंगामा और तोड़फोड़ की गई थी। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रखे दवाओं को भी फेंक दिया । इस दौरान कुछ कर्मियों के साथ बदसलूकी भी की गई थी। आक्रोशित लोगों ने कुछ स्टाफ के साथ मारपीट भी की, हालांकि उस बिगड़ते हालात में कर्मियों ने सदर अस्पताल से भाग कर किसी तरह अपनी जान बचाई। इसके बाद सदर अस्पताल में भारी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई थी।
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अस्पताल पहुंचे स्थानीय लोग बता रहे अपनी परेशानी
- फोटो : अमर उजाला
लोगों को हो रही परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि सदर अस्पताल में अस्पतालकर्मियों के द्वारा किये गये हड़ताल से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। अस्पताल में इलाज कराने आये हरिकिशोर सिंह, मीना देवी, हरिश्चंद्र भगत, रेनू देवी सहित कई मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि इनलोगों ने इमरजेंसी और ओपीडी बंद कर दिया है । इन्हें लोगों की परेशानी से कोई लेनादेना नहीं है। ये लोग सही से इलाज करेंगे तो कोई हल्ला गुल्ला और तोड़फोड़ क्यों करेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सदर अस्पताल में अस्पतालकर्मियों के द्वारा किये गये हड़ताल से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। अस्पताल में इलाज कराने आये हरिकिशोर सिंह, मीना देवी, हरिश्चंद्र भगत, रेनू देवी सहित कई मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि इनलोगों ने इमरजेंसी और ओपीडी बंद कर दिया है । इन्हें लोगों की परेशानी से कोई लेनादेना नहीं है। ये लोग सही से इलाज करेंगे तो कोई हल्ला गुल्ला और तोड़फोड़ क्यों करेगा।
हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्यकर्मियों को समझाते हुए स्थानीय लोग और पुलिस प्रशासन
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस पिकेट की मांग पर अड़े
अस्पतालकर्मियों का कहना है कि सदर अस्पताल परिसर में सुरक्षा की दृष्टिकोण से एक पुलिस पिकेट होनी चाहिए। उनका कहना है कि सदर अस्पताल में पहले 5 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी लेकिन पुलिस कर्मियों की ट्रेनिंग को लेकर सभी पुलिसबलों को क्लोज कर लिया गया। जिसके बाद अस्पताल में पुलिसकर्मियों की तैनाती ख़त्म हो गई। रात की घटना को देखते हुए अब स्वास्थ्यकर्मियों ने पुलिस पिकेट बनाने की मांग कर रहे हैं। सदर अस्पताल में नगर थाने की पुलिस मौजूद है और हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्यकर्मियों को समझने में लगी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी किसी तरह स्वास्थ्य सेवा बहाल करवाने में लगे हुए हैं। लेकिन सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवा फ़िलहाल पूरी तरीके से अबतक ठप है।
अस्पतालकर्मियों का कहना है कि सदर अस्पताल परिसर में सुरक्षा की दृष्टिकोण से एक पुलिस पिकेट होनी चाहिए। उनका कहना है कि सदर अस्पताल में पहले 5 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी लेकिन पुलिस कर्मियों की ट्रेनिंग को लेकर सभी पुलिसबलों को क्लोज कर लिया गया। जिसके बाद अस्पताल में पुलिसकर्मियों की तैनाती ख़त्म हो गई। रात की घटना को देखते हुए अब स्वास्थ्यकर्मियों ने पुलिस पिकेट बनाने की मांग कर रहे हैं। सदर अस्पताल में नगर थाने की पुलिस मौजूद है और हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्यकर्मियों को समझने में लगी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी किसी तरह स्वास्थ्य सेवा बहाल करवाने में लगे हुए हैं। लेकिन सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवा फ़िलहाल पूरी तरीके से अबतक ठप है।