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Bihar News : नकली चीनिया केला अलग रह जाएगा; हाजीपुर की पहचान बने केले को मिलेगा जीआई टैग, जानें खूबियां

Wed, 12 Feb 2025 05:16 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली Published by: आदित्य आनंद Updated Wed, 12 Feb 2025 05:16 PM IST
सार

Hajipur News: हाजीपुर के चीनिया केला के अलावा राज्य के चार अन्य उत्पादों के लिए जीआई टैग आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। इससे किसानों और उद्यमियों को बड़े पैमाने पर आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। 

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Bihar News: Hajipur Chiniya Kela banana will get GI tag, know its features
चीनिया केला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाजीपुर के मशहूर चीनिया केला उत्पादों को जल्द ही भौगोलिक संकेतक यानी जीआई टैग मिलने वाला है। नाबार्ड के अधिकारियों ने कहा कि इन उत्पादों को जीआई टैग मिलने से न सिर्फ इनकी पहचान मजबूत होगी बल्कि बाजार में इनकी कीमत भी बढ़ेगी। केला को जीआई टैग मिलने से इन उत्पादों की गुणवत्ता और विशिष्टता को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। इससे किसानों को अपने उत्पाद की बेहतर कीमत मिलेगी। इतना ही नहीं चीनिया केले की फर्जी ब्रांडिंग बंद हो जाती है। और वह अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना पाता है।

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हाजीपुर का चीनिया केले की खासियत
हाजीपुर के चीनिया केला के अलावा राज्य के चार अन्य उत्पादों के लिए जीआई टैग आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। इससे किसानों और उद्यमियों को बड़े पैमाने पर आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। हाजीपुर के केला अपने स्वाद, मिठास, और लंबे समय तक ताज़ा रहने की खासियत के लिए जाना जाता है। यह केला आयरन और फ़ोलिक एसिड से भरपूर होता है। यह केला ज़्यादा गूदेदार होता है। इसकी लंबाई चार से पांच इंच होती है। यह केला फ़रवरी से लेकर नवंबर तक बाज़ार में खूब मिलता है। हाजीपुर के केले के पेड़ों की सामान्य लंबाई 17 से 18 फ़ुट तक ही होती है। केले के पत्तों का इस्तेमाल जानवरों के चारे के लिए खूब ककिया जाता है। गांव में भोज खिलाने के काम में भी केला का पाता आता है।
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बिदुपुर और राघोपुर प्रखंड में चीनिया केले की खेती
हाजीपुर के सबसे ज्यादा बिदुपुर और राघोपुर प्रखंड में चीनिया केले की खेती होती है। पूरे वैशाली जिले में लगभग 100 हैक्टेयर जमीन पर किसानों द्वारा केले का उत्पादन किया जाता है। चीनिया केला को हाजीपुर के अलावा दूसरे जिले एवं दूसरे राज्यों में भी किसानों द्वारा भेजा जाता है। लगभग 20 पंचायत के किसान इस केला के खेती से जुड़े हुए हैं। केला किसान निर्दोष यादव ने बताया कि हाजीपुर के चीनिया केला को जीआई टैग मिलता है तो हमलोगों के काफी खुशी की बात होगी। हाजीपुर के केले की अलग पूरे विश्व में पहचान होगी। इंटरनेशनल मार्केट में भी केला जाएगा। अच्छी कीमत मिलेगी। किसानों की आर्थिक हालत में सुधार होगी।
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जानिए क्या होता जीआई टैग
जीआई टैग का मतलब होता है जियोग्राफिकल इंडिकेशन यानी भौगोलिक संकेतक। इसका इस्तेमाल ऐसे उत्पादों के लिए किया जाता है, जिनका एक विशिष्ट भौगोलिक मूल क्षेत्र होता है। किसी प्रोडक्ट को ये खास भौगोलिक पहचान मिल जाने से उस प्रोडक्ट के उत्पादकों को उसकी अच्छी कीमत मिलती है। इसका फायदा ये भी है कि अन्य उत्पादक उस नाम का इस्तेमाल कर अपने सामान की मार्केटिंग भी नहीं कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें...

इनपुर: अभिषेक कुमार, वैशाली

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