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Bihar : गर्भाशय सर्जरी करते हुए दोनों किडनी निकाल ली; दो साल में नड्डा तक गुहार, अब जिंदगी की जंग हारी सुनीता

Tue, 22 Oct 2024 11:30 AM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण Updated Tue, 22 Oct 2024 11:30 AM IST
सार

Bihar : एसकेएमसीएच मेडिकल कॉलेज में आखिरकार जिंदगी मौत के बीच जी रही बिना किडनी की मरीज सुनीता दुनिया को छोड़ गई। जाने के साथ ही अपने पीछे व्यवस्था पर सवाल भी खड़े कर गई। 

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Bihar News : Doctor removed both kidneys during uterus surgery muzaffarpur sunita died without kidney nhrc fai
सुनीता का प्रोफाइल फोटो, पति और परिवार के साथ - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच मेडिकल कॉलेज में आखिरकार जिंदगी मौत के बीच जी रही बिना किडनी की मरीज सुनीता दुनिया को छोड़ गई। जाने के साथ ही अपने पीछे व्यवस्था पर सवाल भी खड़े कर गई। आधे दर्जन से अधिक लोग किडनी डोनर के लिए सामने आए थे, लेकिन सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। आरोपियों ने यूट्रस के बहाने दोनों किडनी निकाल लिए थे।

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कौन थी सुनीता कैसे हुई किडनी चोरी की शिकार उल्टे आरोपी ने ठगे थे 30 हजार
बिहार के मुज़फ्फरपुर जिला के सकरा थाना के बाजी राउत की रहनेवाली सुनीता देवी एक गरीब परिवार से आती थी। बीते जुलाई वर्ष 2022 को अचानक ही पेट दर्द की शिकायत के कारण उसके परिजन एक झोला छाप डॉक्टर के चक्कर में पड़ गए थे जहां कई दिनों डॉक्टर उसका इलाज करता रहा और उस तब जाकर के ऑपरेशन की सलाह दी।सुनीता के परिजनों ने डॉक्टर पर भरोसा किया और सितम्बर महीने में सुनीता का ऑपरेशन होना तय हुआ।जिसके बाद से सितम्बर में उस डॉक्टर ने सकरा थाना क्षेत्र के बरियारपुर स्थित शुभकान्त क्लीनिक में सुनीता को भर्ती कर लिया जहां पर दोपहर को ऑपरेशन के नाम पर बुलाया गया ऑपरेशन के नाम पर सुनीता से 30000 रुपये भी लिए गए थे।और वहां शुभकान्त क्लीनिक के कथित डॉक्टर पवन ने सुनीता का ऑपरेशन कर दिया जहां से तीसरे दिन उसे घर भेज दिया गया था।आपने घर पहुंचने के बाद सुनीता देवी की तबियत खराब होने लगी तब वह पुनः उसी डॉक्टर ने सुनीता को शहर जाकर इलाज कराने की सलाह दी गई थी।
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शहर के अस्पताल में हुई जांच तो हुआ किडनी गायब करने का खुलासा
इसके बाद शहर में अल्ट्रासाउंड करने के बाद पता चला कि सुनीता देवी की दोनों किडनी नजर नही आ रही है।जिसके बाद परिजन ने फर्जी अस्पताल में जमकर नारेबाजी किया और हंगामा किया।जिसे देख बाद भी मुज़फ्फरपुर जिले के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने के बाद इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और बेहतर इलाज के लिये सुनीता को पटना रेफर कर दिया गया था।तो उसके बाद मुज़फ्फरपुर से पटना आना जाना और उसके इलाज के बढ़ते हुए खर्च को देखते हुए सुनीता के परिजन उसे घर ले आये।वही गरीबी और भुखमरी से लाचार परिजनों और छोटे छोटे मासूम बच्चों को देखकर कई सामाजिक संगठन के लोग भी आगे आये और सरकार पर दबाव बनाना सुरु कर दिया कि सुनीता देवी को मुज़फ़्फ़रपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज में ही इलाज कराया जाय।
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आईसीयू  में भर्ती हुई सुनीता हफ्ते में एक बार डायलासिस कर जान बचाने की कोशिश
मुज़फ्फरपुर के मेडिकल कॉलेज में सुनीता भर्ती हुई जहां नियमित उसका डायलिसिस किया जाने लगा और इस बीच सुनीता के ऑपरेशन के आरोपी डॉक्टर पवन कुमार जो अस्पताल को चला रहा था की गिरफ्तारी हुई और उसे 7 साल की सजा दी गई वही इस दौरान में एक डॉक्टर डॉ आर के सिंह भाग गया जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में तेज की करवाई। हालांकि अब तक वह पकड़ा नहीं जा सका जिले के बाहर घर होने की वजह से ही दूसरे जिले में वारंट और कुर्की कोर्ट के आदेश पर शुरू किया गया और फिर कुर्की की करवाई शुरू हो गई।वही इस सुनीता देवी की तबियत इधर लगातार ही खराब हो रही जिसके बाद से SKMCH मेडिकल कॉलेज की टीम ने उसको ICU में भर्ती कर दिया और हर हफ्ते डायलासिस करने की कोशिश किया गया ताकि जान बची हुई रहे। लेकिन अब उसकी मौत हो गई।


जे पी नड्डा तक लगा चुकी है थी गुहार, डीएम से भी मिला था आश्वासन
उधर सुनीता ,जिला कलेक्टर से लेकर स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा तक से गुहार लगाती रही कि कम से कम उसके लिये सरकारी स्तर पर एक किडनी की व्यवस्था कर दी जाय।जिसको लेकर सुनीता को दिलासा भी दिया गया था।की इस दिशा में जल्द ही कुछ कराया जाएगा।इसके पूर्व में भी राज्य सरकार में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और सीएम नीतीश तक भी लगाई जा चुकी थी गुहार।जिसमे अब तक परिवार को 14 लाख की सहायता राशि दिया गया ताकि परिवार का भरण पोषण किया जा सके।जबतक सुनीता के लिये कोई किडनी डोनर मिलता सुनीता ने दुनिया को अलविदा कह दिया ।

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