Bihar By Election: तिरहुत MLC उपचुनाव में वंशीधर बृजवासी जीते, जनसुराज को हराया; राजद तीसरे, जदयू चौथे नंबर पर
Tirhut MLC By Election :मतों की गिनती के पहले राउंड में ही राजद और जदयू के प्रत्याशी पिछड़ गए। इसके बाद निर्दलीय प्रत्याशी वंशीधर बृजवासी 3000 से अधिक मत से हर राउंड में बढ़त बनाते चले गए।
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तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र उपचुनाव की मतगणना जारी है। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र उप चुनाव मतगणना में 10536 मतों से निर्दलीय प्रत्याशी शिक्षक नेता वंशीधर बृजवासी की जीत हुई है। उन्होंने जनसुराज के प्रत्याशी डॉ विनायक गौतम को हरा दिया। निर्दलीय प्रत्याशी वंशीधर बृजवासी ने पहले ही राउंड में बढ़त बना ली थी। वह फिलहाल 23 हजार वोटों के साथ पहले नंबर पर रहे। इसके बाद जनसुराज के डॉ. विनायक गौतम दूसरे, राजद के गोपी किशन तीसरे और जदयू के अभिषेक झा चौथे स्थान पर रहे। पहले माना जा रहा था कि महागठबंधन, जदयू और जनसुराज के प्रत्याशियों की कांटे की टक्कर होगी। लेकिन, निर्दलीय वंशीधर बृजवासी ने पूरा खेल ही पलट दिया।
मतों की गिनती के पहले राउंड में ही राजद और जदयू के प्रत्याशी पिछड़ गए। इसके बाद निर्दलीय प्रत्याशी वंशीधर बृजवासी 3000 से अधिक मत से हर राउंड में बढ़त बनाते चले गए। पहले राउंड में जदयू प्रत्याशी अभिषेक झा को 1100, राजद के गोपी किशन को 1200 और जबकि जन सुराज उम्मीदवार डॉ विनायक गौतम को 1600 के पास मत मिले थे।
राजद तीसरे और जदयू प्रत्याशी चौथे नंबर पर चले गए
नौ राउंड की गिनती के बाद निर्दलीय प्रत्याशी वंशीधर बृजवासी को 23003 वोट पाकर सबसे आगे रहे। इनके बाद दूसरे नंबर पर जन सुराज के प्रत्याशी डॉ विनायक गौतम को 12467, तीसरे पर राजद प्रत्याशी गोपी किशन को 11600 और चौथे पर जदयू प्रत्याशी अभिषेक झा को 10316 वोट मिले हैं।
जानिए, नौ राउंड की गिनती में किसे कितने वोट मिले
- वंशीधर ब्रजवासी- 23003
- डॉ विनायक गौतम- 12467
- गोपी किशन- 11600
- अभिषेक झा- 10316
- राकेश रौशन- 3920
- संजय कुमार- 4932
- अरविंद कुमार विभात- 299
- अरुण कुमार जैन- 81
- ऋषि कुमार अग्रवाल- 99
- एहतेशामुल हसन रहमानी- 511
- प्रणय कुमार- 198
- भूषण महतो- 42
- मनोज कुमार वत्स- 422
- राजेश कुमार रौशन- 174
- रिंकु कुमारी- 487
- संजना भारती- 58
- संजीव भूषण- 321
- संजीव कुमार- 113
जानिए, कौन हैं निर्दलीय प्रत्याशी वंशीधर बृजवासी
निर्दलीय प्रत्याशी वंशीधर बृजवासी को शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतरी लेकर आवाज उठाते रहे हैं। शिक्षकों के मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं। शिक्षा विभाग में अराजकता और घोर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर नीतीश सरकार पर लगातार हमलावर रहते हैं। वंशीधर बृजवासी चर्चा में तब आए थे जब इन्होंने तत्कालीन अपर मुख्य सचिव केके पाठक का खुला विरोध कर दिया था। बात इतनी बढ़ गई कि बृजवासी को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा।