Bihar : पटना के CJM कोर्ट में नीतीश-तेजस्वी पर मर्डर केस; IAS-IPS अफसरों का भी शिकायती मुकदमे में नाम
Bihar News : बिहार प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने 13 जुलाई को पटना में भाजपाइयों पर लाठीचार्ज और एक की मौत मामले में मुख्यमंत्री पर केस का एलान किया था, लेकिन उन्होंने केस नहीं किया। एक कार्यकर्ता ने यह केस किया है।
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जहानाबाद के भाजपा नेता विजय सिंह की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ने लगा है। इस मामले में पटना जेसीजीएम कोर्ट में शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत आधे दर्जन लोगों को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ हत्या एवं अन्य आरोपों में एक शिकायती मुकदमा दाखिल किया गया है। यह शिकायती मुकदमा भाजपा के एक कथित सक्रिय सदस्य कृष्ण कुमार सिंह उर्फ कल्लू ने प्रभारी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मनोरंजन झा के अदालत में किया है।
इनको बनाया है आरोपी
भाजपा नेता कृष्णा सिंह कल्लू की ओर से उनके अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, धारा 307 धारा 341, धारा 323 समेत कई धाराओं में मामला दर्ज हुआ है। सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, पटना के डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह, पटना के एसएसपी राजीव मिश्रा समेत 6 लोगों पर केस दर्ज करवाई गई है। मामले की सुनवाई 19 जुलाई को होगी। कृष्ण कुमार सिंह उर्फ कल्लू गांधी मैदान थाना क्षेत्र स्थित सालिमपुर अहरा गली के निवासी हैं जो अभी कुछ ही दिन पहले भाजपा में शामिल हुए हैं।
भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
पटना में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुआ लाठीचार्ज मामला अब सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया है। शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में एक जनहित याचिका जारी हुई। पटना निवासी भूपेश नारायण ने इस याचिका को दायर करते हुए मांग की है कि लाठीचार्ज केस की जांच सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित एसआईटी से कराई जाए। भूपेश नारायण ने यह भी मांग की कि अगर संभव हो तो इस मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए। याचिका के जरिए सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, बिहार के डीजीपी आर एस भट्टी, पटना के डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह, पटना एसएसपी राजीव मिश्रा पर आरोप लगाए गए हैं।
विपक्षी एकता की दूसरी बैठक से पहले सीएम नीतीश पर केस
विपक्षी दलों की दूसरी बड़ी बैठक 17 और 18 जुलाई को बेंगलुरु में होनी है। इसमें कांग्रेस, जेडीयू, आरजेडी, टीएमसी, एनसीपी (शरद पवार गुट), सपा, शिवसेना (उद्धव गुट) समेत कई विपक्षी दलों के नेता शामिल होंगे। ऐसे में बैठक से पहले नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव पर केस होने से सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने बताया कि की निश्चित क्षेत्र में बगैर अनुमति के भाजपा ने प्रदर्शन किया था या कहीं से उचित नहीं था। वहीं जदयू का कहना है कि विधानसभा मार्च की सियासी नौटंकी के बाद भाजपा ने जांच टीम का गठन किया और बिहार सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सियासी जमीन खिसकना देख भाजपा वाले फर्स्टेट हो गए हैं इसीलिए ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं और तरह तरह के केस करवा रहे हैं