Bihar News: अब बिहार के हाईवे पर भी गश्त लगाएगी डायल 112 की टीम, सीएम नीतीश कुमार ने 38 वाहनों को किया रवाना
राष्ट्रीय राजमार्ग गश्ती वाहनों को इमरजेंसी रिस्पांस स्पोर्ट सिस्टम (ERSS) के डायल-112 जोड़ दिया है। यानी अब डायल 112 की गाड़ी शहर की गलियों में नहीं बल्कि राज्य के नेशनल हाईवे पर भी पेट्रोलिंग करेगी।
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अब बिहार के हाईवे पर यातायात व्यवस्था निर्बाध रहे। आपातस्थिति में जल्द से जल्द लोगों तक मदद पहुंचायी जा सके, इसके लिए बिहार सरकार ने कारगर उपाय कर दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग गश्ती वाहनों को इमरजेंसी रिस्पांस स्पोर्ट सिस्टम (ERSS) के डायल-112 जोड़ दिया है। यानी अब डायल 112 की गाड़ी शहर की गलियों में नहीं बल्कि राज्य के नेशनल हाईवे पर भी पेट्रोलिंग करेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार दोपहर 01 अणे मार्ग से सड़क सुरक्षा एवं निर्बाध यातायात व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए 38 राजमार्ग गश्ती वाहनों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 38 राजमार्ग गश्ती वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
आपातकालीन परिस्थिति में इन वाहनों को अविलम्ब भेजा जा सके
मुख्यमंत्री ने राजमार्ग गश्ती वाहनों के लोकार्पण के पूर्व उसका निरीक्षण किया और उसकी कार्य प्रणाली के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। बता दें कि इन राष्ट्रीय राजमार्ग गश्ती वाहनों को इमरजेंसी रिस्पांस स्पोर्ट सिस्टम (ERSS) के डायल-112 के सम्बद्ध किया गया है ताकि आपातकालीन परिस्थिति में इन वाहनों को घटनास्थल पर अविलम्ब भेजा जा सके। साथ ही प्रभावी कार्रवाई हेतु इस पर लगे उपकरणों के माध्यम से वाहन अथवा नियंत्रण कक्ष से केन्द्रीकृत समाधान का प्रावधान किया गया है।
एक जिले में वारदात को अंजाम देकर भागने वालों पर भी नजर
कई बार अपराध वारदात को अंजाम देकर एनएच के रास्ते दूसरे जिले या दूसरे राज्य में फरार हो जाते हैं। हाईवे पर गश्ती करने वाली डायल 112 की टीम की नजर इन अपराधियों पर भी रहेगी। इतना ही नहीं किसी बड़े हादसे को अंजाम देने वाले वाहन चालकों पर डायल 112 की टीम पैनी नजर रहेगी। वाहन पर लगे विशेष यंत्र गाड़ियों की स्पीड पर भी निगरानी करेगी।