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Bihar News: विधानसभा में एंटी पेपरलीक विधेयक पास, दोषी को दस साल सजा और एक करोड़ तक का जुर्माना
Wed, 24 Jul 2024 04:28 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Wed, 24 Jul 2024 04:28 PM IST
सार
पेपरलीक केस में दोषी पाए जाने वालों पर नॉन बेलेवल घाराएं लगेंगी। इतना ही नहीं तीन से 10 साल तक की सजा और 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगेगा। यह कानून बिहार सरकार की ओर से ली जाने वाली सारी परीक्षाओं पर लागू होगा।
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बिहार विधानसभा।
- फोटो : बिहार विधानसभा यूट्यूब
विस्तार
बिहार विधानसभा में नीतीश सरकार ने आज विधानसभा में बिहार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) विधेयक-2024 (एंटी पेपरलीक विधेयक) पास करवा लिया। नीतीश सरकार ने पेपरलीक को सीरियस क्राइम घोषित कर दिया है। अब इस केस में दोषी पाए जाने वालों पर नॉन बेलेवल घाराएं लगेंगी। इतना ही नहीं तीन से 10 साल तक की सजा और 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगेगा। यह कानून बिहार सरकार की ओर से ली जाने वाली सारी परीक्षाओं पर लागू होगा। दरअसल, बिहार सरकार पेपर लीक को घोषित करने जा रही है। पेपरलीक करने वालों पर नॉन बेलेवल धाराएं लगेंगी। तीन से लेकर 10 साल तक की सजा होगी और 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक जुर्माना लगेगा।
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परीक्षा आयोजित करने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा
इस विधेयक के प्रावधान के अनुसार, पेपरलीक केस की जांच डीएसपी रैंक के अधिकारी करेंगे। बिहार सरकार किसी भी जांच एजेंसी से इस मामले की जांच करवा सकती है। अगर परीक्षा में गलत तरीके से अभ्यर्थी शामिल होंगे या नियमों का उल्लंघन करेंगे तो उनके लिए कम से कम तीन से पांच साल की सजा और दस लाख रुपए जुर्माना का प्रावधान है। वहीं अगर कोई व्यक्तियों का समूह, जो सर्विस प्रोवाइडर से मिलीभगत में शामिल होगा उनसे पांच से दस साल की सजा और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना वसूला जाएगा। इतना ही नहीं उनकी संपत्ति भी कुर्क होगी। इसके अलावा परीक्षा लेने वाली एजेंसी ने गड़बड़ी की आशंका होने के बावजूद कुछ नहीं किया तो उनपर एक करोड़ रुपए तक का जुर्माना लगेगा। साथ ही परीक्षा फीस व अन्य खर्च भी वसूल ली जाएगी। अगले चार साल तक के लिए परीक्षा आयोजित करने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
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बिहार में इन आयोग और पर्षद पर लागू होगा यह आयोग
एंटी पेपरलीक कानून बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग, केंद्रीय सिपाही चयन पर्षद बिहार, बिहार तकनीकी सेवा आयोग के साथ ही अन्य कोई भी प्राधिकरण, जो बिहार सरकार की तरफ से अधिसूचित हो।
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