Bihar News: शराब के व्यवसाय से जुड़े धंधेबाजों के खिलाफ शुरू हुई कार्रवाई, 170 आरोपियों पर लगाया गया सीसीए -3
Bihar : 170 व्यक्तियों पर शराब के व्यवसाय से जुड़े धंधेबाजों के खिलाफ बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम सीसीए-3 की कार्रवाई की गई है। इसमें मशरक थाना क्षेत्र के कुल - 28 धंधेबाजों का नाम शामिल किया गया है।
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वैसे तो सारण सहित पूरे राज्य में पूर्ण रूप से शराबबंदी लागू किया गया है, लेकिन इसके बावजूद बिहार में शराब का मिलना और पीना अनवरत रूप से चल रहा है। साथ ही इस व्यवसाय से जुड़े धंधेबाज दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ते ही जा रहे है। जिसका उदाहरण बिहार पुलिस शराब के धंधेबाजों की अकूत संपत्ति को सील कर चुकी है। हालांकि जहरीली शराब पीने से बिहार में सबसे अधिक सारण प्रमंडल के सारण, सिवान और गोपालगंज जिले में संदेहास्पद स्थिति में मौत हो चुकी हैं। वहीं सारण के पुलिस अधीक्षक डॉ कुमार आशीष द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि अवैध शराब के निर्माण, क्रय एवं शराब से जुड़े धंधेबाजों के खिलाफ लगातार कारवाई की गई है। हालांकि अब जाकर सारण जिले में कुल - 170 व्यक्तियों पर शराब के व्यवसाय से जुड़े धंधेबाजों के खिलाफ बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम सीसीए-3 की कार्रवाई की गई है। जिसमें मशरक थाना क्षेत्र के कुल - 28 धंधेबाजों का नाम शामिल किया गया है।
विगत दिनों मसरख थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जहरीली शराब पीने से दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य की आंखों की रोशनी चली गई है। जहरीली शराब पीने से हुई मौत के बाद सारण पुलिस द्वारा स्थानीय थाना क्षेत्र के बलि विशुनपुरा गांव निवासी सिया सिंह के पुत्र मंटू सिंह और इनकी पत्नी नीतू देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लेकिन इन धंधेबाजों का नाम सारण पुलिस द्वारा जारी शराब से जुड़े व्यवसायियों की सूची में नाम नहीं है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि बिहार में पूर्ण रूप से शराब पीने और बिक्री पर पाबंदी लागू की गई है, जबकि शराब का मिलना बदस्तूर जारी है। क्योंकि शत प्रतिशत शराब पर पाबंदी लगाने के लिए जिला पुलिस, उत्पाद विभाग की पुलिस और राज्य मुख्यालय द्वारा विशेष रूप से छापेमारी टीम का गठन किया गया है। लेकिन इसके बावजूद शराब की बड़ी बड़ी खेप उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की सीमा से बिहार में प्रवेश हो रहा है। लोगों का कहना है कि इसमें बिहार पुलिस और उत्पाद विभाग की पुलिस की मिलीभगत है, क्योंकि बिहार में प्रवेश करने के दौरान सभी तरह के वाहनों की जांच का जिम्मा उत्पाद और बिहार पुलिस को सौंपी गई है।