Bihar : पटना में दो जगह खुला नेताजी सुभाष चंद्र बोस हॉस्टल, इन बच्चों को फ्री में मिलेगी बेहतर शिक्षा
पटना डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने कहा- वैसे बच्चे जिनकी विद्यालय तक पहुंच सुविधाजनक नहीं है उनको शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा विशेष प्रयास किया गया है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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पटना में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास खुल गया है। इसका शुभारंभ पटना के डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने कहा किया। यह छात्रावास टी के घोष अकादमी राजकीय उच्च विद्यालय, अशोक राजपथ और शहीद राजेन्द्र प्रसाद सिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय (पटना हाई स्कूल), गर्दनीबाग में स्थित है। बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि नेताजी सुभाषचन्द्र बोस आवासीय छात्रावास छात्रों के हित के लिए एक महत्वपूर्ण परिकल्पना है। कठिनतम समूह के वैसे बच्चों जो विद्यालय से अभी भी दूर हैं तथा विषम परिस्थिति में जीवन यापन करने वाले अभिवंचित वर्ग के बच्चों के लिए नेताजी सुभाषचन्द्र बोस आवासीय छात्रावास के माध्यम से गुणवतापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
पटना डीएम ने कहा कि वैसे बच्चे जिनकी विद्यालय तक पहुंच सुविधाजनक नहीं है उनको शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा विशेष प्रयास किया गया है।सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आप सभी इस आवासीय छात्रावास से लाभ उठाएं। आपकी शिक्षा हेतु प्रशासन द्वारा हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी अच्छे ढंग से पढ़ाई करें, जीवन में आगे बढें तथा देश के लिए एक सफल नागरिक बने।
छात्रावास में 100 बच्चों के रहने की सुविधा
पटना जिला में टी के घोष अकादमी राजकीय उच्च विद्यालय, अशोक राजपथ तथा शहीद राजेन्द्र प्रसाद सिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय (पटना हाई स्कूल), गर्दनीबाग में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस आवासीय छात्रावास का संचालन शुरू हुआ है। हर छात्रावास में 100 बच्चे रहेंगे। इन बच्चों के रहने और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था है। डीएम डॉ. सिंह ने जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) को छात्रावास के संचालन की नियमित देखरेख करने का निदेश दिया।
06-18 आयु वर्ग के ये बच्चे यहां ले सकते हैं एडमिशन
- अनाथ (अभिभावक विहीन) बच्चे।
- भीख मांगनेवाले बच्चे।
- रेलवे प्लेटफार्म या बस पड़ाव पर रहने वाले बच्चे।
- कूड़ा-कर्कट चुननेवाले बच्चे।
- देह व्यापार से जुड़े परिवार एवं ट्रांसजेंडर समुदाय के बच्चे।
- वैसे बच्चे जिन्हें विद्यालय पहुँचनेे में भौगोलिक/सामाजिक कठिनाई हो रही हो।
- घुमंतु परिवार के बच्चे।
- उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र के बच्चे।
- वैसे बच्चे जिनके माता-पिता अपने काम के सिलसिले में पलायन कर जाते हों।
- दिव्यांग बच्चे, जिनके पास बेंचमार्क डिसेबिलिटी (40 प्रतिशत या इससे अधिक) का दिव्यांगता प्रमाण-पत्र हो।
- बाल श्रम से विमुक्ति के उपरांत अभिभावकों को सौपे गये बच्चे।