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'नीतीश के बच्चों के साथ ऐसा होता तो क्या करते?'

Wed, 17 Jul 2013 03:49 PM IST
सारण/इंटरनेट डेस्क
सारण/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 17 Jul 2013 03:49 PM IST
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Bihar mid-day meal death toll rises to 20

बिहार के छपरा जिले में मिड-डे मील खाने से 22 बच्चों की मौत के बाद मचे कोहराम के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सियासी हमले तेज हो गए हैं।

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योगगुरु बाबा रामदेव ने घटना के लिए नीतीश सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। रामदेव ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बच्चों के साथ ऐसा होता तो वे क्या करते?
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उन्होंने कहा कि मिड-डे मील से बच्चों की मौत बिहार सरकार की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। योगगुरु ने दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
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इससे पहले बच्चों की मौत से आक्रोशित लोगों ने तोड़फोड़ और आगजनी की। वहीं घटना के विरोध में राजद ने आज सारण बंद का आह्वान किया है।

स्कूली बच्चों को कुपोषण से बचाने और स्कूलों में ड्रॉप आउट रोकने के लिए चलाई जा रही मिड डे मील योजना सारण जिले के मशरक के गंडामन नवसृजित प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के लिए मंगलवार को काल साबित हुई।

मिड डे मील खाते ही बच्चों की हालत बिगड़ती चली गई, 22 बच्चों की मौत हो गई है और 55 बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

जानिए, क्या है मिड-डे-मील, कब-कब ये हुआ जानलेवा

विद्यालय में रोज की तरह मंगलवार को भी रसोइया मंजू देवी ने 102 बच्चों के लिए मिड डे मील तैयार किया। खाने में खिचड़ी और सोयाबीन व आलू की सब्जी थी। भोजन करने के बाद बच्चे स्कूल में खेलने में मशगूल हो गए।

करीब डेढ़ बजे क्लास शुरू हुई। बच्चे क्लास में पहुंचे, तो दूसरी कक्षा के कुछ बच्चों को उल्टी शुरू हो गई। कुछ को पेट में दर्द भी होने लगा और देखते-देखते कई बच्चे बेहोश हो गए। किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा था।

सरकारी अस्पताल में इलाज की व्यवस्था नहीं
जब ये खबर गांव में पहुंची तो हंगामा मच गया। डर के मारे प्रधानाध्यापक मीना कुमारी समेत दोनों शिक्षिकाएं स्कूल से भाग गईं।

किसी तरह बीमार बच्चों को उनके अभिभावक मशरक स्थित सरकारी अस्पताल में ले गए। वहां मौजूद एक डॉक्टर व एक कंपाउडर के लिए इतने बीमार बच्चों को संभालना मुश्किल था।

कुछ के अभिभावक निजी डॉक्टर के पास ले गए। करीब एक घंटे तक मशरक स्थित सरकारी अस्पताल में इलाज की कोई व्यवस्था नहीं हुई।

बाद में महाराजगंज के सांसद प्रभुनाथ सिंह पहुंचे और उन्होंने दो सिटी राइड बसों का प्रबंध कर बच्चों को छपरा सदर अस्पताल भिजवाया। रास्ते में ही दो बच्चों की मौत हो गई।


छपरा सदर अस्पताल में जब तक बच्चों को भर्ती कराया जाता, चार और बच्चों की मौत हो गई थी। रात करीब 11:30 बजे अफरा-तफरी के बीच डीएम अभिजीत सिन्हा ने 20 बच्चों की मौत की पुष्टि की।

मृतक बच्चों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए का मुआवजे

घटना पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरा दुख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। राज्य सरकार की ओर से मृतक बच्चों के परिवार को 2-2 लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की गई है।

वहीं, घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने नीतीश सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा नेता गिरीराज सिंह ने नीतीश को जिम्मेदार ठहराते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की है।

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