Bihar: नाच-गाने वाली शादियों में निकाह नहीं पढ़ाएंगे मौलवी, जनाजे में भी नहीं होंगे शामिल; जानिए क्या है मामला
Supaul news: यह फैसला सुपौल के झखाड़गढ पंचायत के मदनी मस्जिद और मरकजी जामा मस्जिद क्षेत्र में आने वाले गांवों में लागू होगा। पंचायत में इस निर्णय के बाद मौलवी ग्रामीणों से यह करने की अपील कर रहे हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत झखाड़गढ पंचायत में डीजे और नाच-गाने वाली शादियों के खिलाफ सख्त निर्णय लिया गया है। मरकजी जामा मस्जिद परिसर में ओलमा और अइम्मा फाउंडेशन के बैनर तले हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला किया गया कि अब ऐसी शादियों में कोई भी इमाम या मौलवी निकाह नहीं पढ़ाएंगे। बैठक में यह भी तय किया गया कि अगर किसी शादी में डीजे और नाच-गाने का आयोजन किया गया, तो वहां इमाम और मौलवी निकाह पढ़ाने नहीं जाएंगे। साथ ही ऐसे घरों में किसी के जनाजे में भी शामिल नहीं होंगे। इतना ही नहीं, मिलादुन्नबी में भी ऐसे परिवारों को शरीक होने से रोका जाएगा।
ग्रामीणों से भी अपील, बाहर से आए मौलवियों पर लगेगा जुर्माना
बैठक में मौजूद धर्मगुरुओं ने गांव के लोगों से भी अपील की है कि वे ऐसी शादियों में शामिल न हों, जहां डीजे और नाच-गाने का प्रबंध हो। साथ ही, यह भी तय किया गया कि यदि कोई बाहरी इमाम या मौलाना बिना इजाजत के निकाह पढ़ाएगा, तो उस पर कमेटी द्वारा जुर्माना लगाया जाएगा। यह सख्त फैसला झखाड़गढ पंचायत के मदनी मस्जिद और मरकजी जामा मस्जिद क्षेत्र में आने वाले गांवों में लागू होगा। पंचायत में इस निर्णय के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।