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Bihar Hooch Tragedy : दो घरों में अब लग्न की तैयारी थी, मगर खरमास निकलते ही मरघटी सन्नाटे को चीर रही चीत्कारें
Sat, 15 Apr 2023 07:08 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोतिहारी
Published by: आदित्य आनंद
Updated Sat, 15 Apr 2023 07:08 PM IST
सार
बिहार में शराबबंदी है। सरकार अपराध रोकने से ज्यादा ताकत शराब रोकने में झोंक रही है। मरने वालों को मुआवजा नहीं देगी, दुहरा रही है। मगर, शराब से मौतें नहीं रुक रहीं। मौतें शुरू होते ही अफसर मौतों की वजह को मैनेज करने में लग जाते हैं।
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परिवार के सदस्य की मौत के बाद मातम पसरा है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार में शराबबंदी है। सरकार अपराध रोकने से ज्यादा ताकत शराब रोकने में झोंक रही है। मरने वालों को मुआवजा नहीं देगी, दुहरा रही है। मगर, शराब से मौतें नहीं रुक रहीं। मौतें शुरू होते ही अफसर मौतों की वजह को मैनेज करने में लग जाते हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक इनकी कारस्तानी जानता है। प्रियंका और निशा इन खबरों का क्या करें? इन दोनों के हाथ पीले करने की तैयारी में जो घर दो-दो पैसे जोड़ रहा था, आज वहां मरघटी सन्नाटे को चीरती चीत्कारें हैं। रह-रह कर छाती पीटती आवाजें हैं। पूर्वी चंपारण में शराब के नाम पर जान गंवाने वालों में प्रियंका के भाई और निशा के पिता का भी नाम है।
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नशे में रात घर नहीं लौटा, सुबह धुंधला दिखने लगा
सरकार के अफसर सारण-सीवान की तरह यह भी मौतों की कहानी बदलने की भरसक कोशिश कर रहे, लेकिन लक्षण को बदलना अब कहां संभव है? छोटू की मौत कैसे हुई, पूछने पर परिवार के लोग रोते-पीटते घर-बाहर सब सुना जाते हैं। बताते हैं कि छाेटू की बहन प्रियंका की शादी 26 मई को पताही में तय है। घर में शादी की तैयारी चल रही थी। छोटू भी बहन की शादी की तैयारी में लगा हुआ था। कुछ चीजें खरमास के कारण रुकी थीं, जो अब करते। गुरुवार को वह मजदूरी करने के लिए गया। काम खत्म होने के बाद सबने एक साथ बैठकर शराब पी। छोटू उस रात घर नहीं लौटा। शुक्रवार की सुबह घर आया तो परिजनों को बताया कि उसकी आंखों के आगे अंधेरा छा रहा है। धूप लगने या आंख में संक्रमण का शक था। लेकिन, स्थिति बिगड़ने लगी। परिजनों को कुछ समझ में नहीं आया तो दौड़ते-भागते इलाज के लिए निजी डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर को शायद माजरा समझ में आ गया, उसने सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल को भी अंदाजा लग गया तो उसने गंभीर स्थिति को देखते हुए मुजफ्फरपुर स्थित श्रीकृष्ण मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SKMCH) रेफर कर दिया। प्रियंका के घर में शादी की तैयारियां किनारे पड़ गईं, जब मुजफ्फरपुर से पहले उसके भाई की मौत की खबर आई और फिर लाश।
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परिजन बोले- खेत में शराब पार्टी की थी
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मजदूरी से पैसे जोड़ रहा था, एक महीने बाद है शादी
एक मजदूर पिता अपनी बेटी के लिए पैसे कैसे जोड़ता होगा, यह मध्य आय वर्ग वाले तक जानते हैं। ध्रुव मजदूरी कर बेटी की शादी तक एक-एक रुपये जोड़ रहा था। उसने अपनी बेटी निशा की शादी बेतिया के गुलवरिया में तय कर रखी है। ठीक एक महीने बाद 15 मई को शादी है और घर से ध्रुव की अर्थी उठ रही है। वह मजदूरी के लिए जाना चाहकर भी नहीं टाल रहा था, ताकि पैसे शादी में काम आएं। लेकिन, मति मारी गई। काम खत्म होने के बाद वह भी शराब पार्टी में शामिल हो गया। गुरुवार की रात इस जगह पर जितने लोगों ने शराब पी थी, सभी की स्थिति बिगड़ने लगी। फिर देखते ही देखते मौतों का सिलसिला शुरू हो गया। बेटी की शादी के अरमानों को आंखों में भरे हुए ध्रुव भी दुनिया से जाने वालों की उस कतार में शामिल हो गया। अब परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। यह सिर्फ एक मौत नहीं, परिवार के सपनों के मर जाने जैसा है। कब संभलेंगे, कब सोचेंगे कि शादी होगी और होती है तो कैसे?