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बिहार: अस्पतालों में प्रसव के दौरान पति भी पत्नी के साथ रह सकता है

Fri, 27 Dec 2019 09:47 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: अनवर अंसारी Updated Fri, 27 Dec 2019 09:47 AM IST
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Bihar Health department decision now husband can stay with wife during delivery
सांकेतिक तस्वीर

बिहार स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा फैसला करते हुए कहा है कि अब सरकारी अस्पतालों में पति भी प्रसव के दौरान पत्नी का साथी बन सकता है। संस्थागत प्रसव को और सुरक्षित बनाने के लिए कई स्तरों पर लगातार काम हो रहा है। इस कड़ी में शिशु जन्म के समय का साथी बनाने के लिए पति को भी उपयुक्त माना गया है। 

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स्वास्थ्य विभाग ने इसे बड़े पैमाने पर प्रचारित करने का कार्यक्रम कर रहा है। दरअसल, संयुक्त परिवारों के टूटने से प्रसव के दौरान परिवार की दूसरी महिलाओं की उपस्थिति धीरे-धीरे कम होती जा रही है। जिसको देखते हुए स्वास्थय विभाग ने प्रसव पीड़ा के दौरान जच्चा के धैर्य और हौसला आफजाई के लिए पति को भी रहने की छूट दी गई है। 
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वर्तमान समय में देखा जा रहा है कि घर और परिवार से दूर नौकरी करने के कारण अधिकांश युवा अपने परिवार और सगे संबंधियों से दूर हो रहे हैं। इस वजह से परदेश में प्रसव के दौरान साथ देने वाली महिला का मिलना असंभव हो जाता है। ऐसे में प्रसव के दौरान और गर्भधारण के हफ्तों में पत्नी की देखरेख के लिए नौ बिन्दुओं और नवजात को पांच बिन्दुओं पर देखने की गाइडलाइन बनी है। स्वास्थय विशेषज्ञों का तर्क है कि शिशु जन्म का अनुभव कर रही महिला का पति लगातार उसका हौसला बढ़ा सकता है। 

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