{"_id":"5ed6043c8ebc3e90612ffc2b","slug":"bihar-govt-decide-that-from-tuesday-migrants-returning-to-state-will-not-be-registered-or-quarantined","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिहार सरकार का फैसला, प्रवासियों के लिए अब क्वारंटीन केंद्रों में रहना नहीं होगा अनिवार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिहार सरकार का फैसला, प्रवासियों के लिए अब क्वारंटीन केंद्रों में रहना नहीं होगा अनिवार्य
Tue, 02 Jun 2020 01:22 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 02 Jun 2020 01:22 PM IST
विज्ञापन
प्रवासी मजदूर (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने फैसला लिया है कि मंगलवार से बिहार आने वाले प्रवासी मजदूरों को पंजीकृत या क्वारंटीन (एकांतवास) नहीं किया जाएगा। जो लोग सोमवार तक राज्य लौटे थे, उन्हें पंजीकृत किया गया था और 5,000 से अधिक केंद्रों में उन्हें भेज दिया गया था जहां लगभग 13 लाख प्रवासियों को रखा गया है।
विज्ञापन
इन केंद्रों को 15 जून के बाद बंद कर दिया जाएगा। इसी दिन आखिरी प्रवासियों के बैच की 14 दिन की क्वारंटीन अवधि खत्म हो जाएगी। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों पर थर्मल स्क्रीनिंग को भी बंद करने की तैयारी है लेकिन हर स्टेशन पर चिकित्सा सुविधा होगी ताकि लोगों को इलाज में सुविधा हो।
विज्ञापन
राज्य सरकार ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब बिहार आने वाले ज्यादातर प्रवासी कोविड-19 की चपेट में पाए गए हैं। राज्य के 3,872 पुष्ट मामलों में से 2,743 प्रवासी हैं जो 3 मई के बाद वापस आए हैं। इसमें महाराष्ट्र से लौटने वाले प्रवासियों की संख्या 677 है। पॉजिटिव पाए गए अन्य प्रवासियों में 628 दिल्ली से, 405 गुजरात से और 237 हरियाणा से लौटे हैं।
विज्ञापन
इसके अलावा, यूपी, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना से लौटे प्रवासी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। बिहार आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रमुख सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा, ‘हम 30 लाख से अधिक प्रवासियों को वापस लेकर आए हैं। हम सोमवार शाम को पंजीकरण बंद कर रहे हैं। अधिकतम लोग वापस आ गए हैं।’
अमृत ने कहा कि डोर-टू-डोर स्वास्थ्य निगरानी जारी रहेगी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेवल 1 और लेवल 2 अस्पतालों तक चिकित्सा सुविधाएं समान रहेंगी। बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा, 'विदेशी विशेषज्ञों ने निष्कर्ष निकाला है कि होम क्वारंटीन सबसे बेहतर क्वारंटीन है। फिर भी हमने प्रवासियों को सभी प्रकार की सुविधाएं देते हुए ट्रेन चलाई जिसमें ट्रेन और बस किराया प्रतिपूर्ति और आवश्यक सामान वाली एक हजार रुपये की किट शामिल है।'
विपक्षी पार्टियों ने राज्य सरकार के फैसले की आलोचना की है। अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति के सचिव चंदन यादव ने कहा, ‘ऐसे समय में जब संक्रमण बढ़ रहा है, संक्रमित वाले राज्यों से आने वाले लोगों के लिए इन क्वारंटीन केंद्रों को चलाने की आवश्यकता है। अब आने वाले सभी लोग आबादी से घुलमिल जाएंगे और जिससे आगे भी संक्रमण फैलने का खतरा होगा।’